इबोला वायरस (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

Congo Ebola Virus: कांगो में इबोला का कहर तेज, 24 घंटे में 72 नए मामलों की हुई पुष्टि

Congo Ebola Virus Cases: कांगो में इबोला वायरस का नया प्रकोप तेजी से फैल रहा है। पिछले 24 घंटों में 72 नए मामलों की पुष्टि हुई है।

दिव्या सिंह

Congo Ebola Cases Increas: कांगो में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, रविवार को केवल 24 घंटों में 72 नए संक्रमित मरीज मिले, जिससे कुल पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 782 हो गई है। इसी अवधि में 32 नई मौतों की पुष्टि हुई, जिसके बाद मृतकों का आंकड़ा 181 तक पहुंच गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संक्रमितों की संख्या सरकारी आंकड़ों से अधिक हो सकती है, क्योंकि 15 मई को प्रकोप की आधिकारिक घोषणा से पहले ही संक्रमण कई क्षेत्रों में फैल चुका था। हालात को और गंभीर बनाते हुए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कवरेज रेट घटकर 56 प्रतिशत रह गया है, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना मुश्किल हो रहा है।

 बुंडीबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण फैला इबोला का संक्रमण

जानकारी के मुताबिक इस बार इबोला वायरस का संक्रमण बुंडीबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण फैला है, जो अपेक्षाकृत दुर्लभ माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके खिलाफ फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन या प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है। इसके विपरीत, कांगो में पहले सामने आए अधिकांश इबोला प्रकोप ज़ैरे स्ट्रेन से जुड़े थे, जिनके लिए वैक्सीन और उपचार विकल्प मौजूद हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक 56 मरीज संक्रमण से ठीक होकर स्वस्थ हो चुके हैं। हालांकि, मौजूदा प्रकोप में मृत्यु दर 23 प्रतिशत बनी हुई है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाती है।

WHO और अफ्रीका CDC ने बढ़ाए प्रयास

बढ़ते संकट को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने टेस्टिंग, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और मरीजों के इलाज की प्रक्रिया को तेज करने की घोषणा की है। वहीं, अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) भी लैब सिस्टम को मजबूत बनाने, सक्रिय केस खोजने और सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने के लिए काम कर रहा है।

हिंसा और विस्थापन बने बड़ी चुनौती

मौजूदा प्रकोप का सबसे बड़ा केंद्र कांगो का पूर्वी इतुरी प्रांत है, जहां 90 प्रतिशत से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। संक्रमण नॉर्थ किवु, साउथ किवु और पड़ोसी देश युगांडा तक भी पहुंच चुका है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इतुरी में जारी हिंसा और सशस्त्र संघर्ष के कारण करीब 10 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं, जिससे संक्रमित लोगों की पहचान और निगरानी करना बेहद कठिन हो गया है।

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