अफ्रीका में तेजी से फैल रहा जानलेवा वायरस इबोला, 149 लोगों की मौत; WHO ने दी बड़ी चेतावनी

Ebola Outbreak: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस के 710 पुष्ट मामलों के साथ मरने वालों की संख्या 149 हो गई है। WHO ने प्रकोप बढ़ने और फंड की कमी पर चिंता जताई है।
Ebola Havoc: Deadly virus spreading rapidly in Africa, 149 dead; WHO issues major warning
अफ्रीका में तेजी से फैल रहा इबोला, फोटो ( सो. सोशल मीडिया)
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Ebola Outbreak Africa News In Hindi: अफ्रीका के डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस का प्रकोप एक बार फिर वैश्विक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में इबोला के कन्फर्म मामलों की संख्या बढ़कर 710 हो गई है, जिनमें से अब तक 149 लोगों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट में इस बीमारी की मृत्यु दर फिलहाल 21.0 प्रतिशत बताई गई है, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक स्थिति इससे कहीं अधिक गंभीर हो सकती है।

तेजी से बढ़ रहा है संक्रमण का दायरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की है कि डीआरसी में यह प्रकोप बहुत तेजी से पांव पसार रहा है। न केवल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है, बल्कि अब नए क्षेत्रों में भी वायरस की मौजूदगी दर्ज की जा रही है। वर्तमान में 324 मरीज अस्पतालों या आइसोलेशन केंद्रों में भर्ती हैं, जबकि केवल 35 लोग ही अब तक पूरी तरह ठीक होकर घर लौट पाए हैं। WHO के अनुसार, दर्ज की गई मृत्यु दर असल में कम आंकी गई हो सकती है, क्योंकि कई मौतों की जांच अभी प्रक्रिया में है, जो आधिकारिक तौर पर प्रकोप घोषित होने से पहले हुई थीं।

लॉकडाउन की अफवाहों पर सरकार की सफाई

इबोला के बढ़ते मामलों के बीच सोशल मीडिया पर देशव्यापी लॉकडाउन को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही थीं, जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि प्रभावित इलाकों में फिलहाल कोई लॉकडाउन नहीं लगाया गया है और न ही ऐसी कोई योजना विचाराधीन है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए सरकार, स्थानीय समुदाय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संस्थाएं मिलकर निगरानी, ट्रेसिंग और टीकाकरण जैसे कार्यों में जुटी हैं।

चुनौतियों के बीच फंड की भारी कमी

इस संकट से निपटने में प्रशासन को कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्थ किवु जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में संक्रमण रोकने के लिए जरूरी चिकित्सा सामग्री की भारी कमी है और तीन प्रांतों में अलर्ट सिस्टम बेहद कमजोर है। इसके अलावा, इतुरी में विस्थापित लोगों के एक कैंप में भी इबोला से जुड़ी दो मौतें दर्ज की गई हैं, जो एक नई चिंता का विषय है। सबसे बड़ी बाधा 21.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग की कमी है, जिसके कारण राहत कार्यों की गति प्रभावित हो रही है।

बिना वैक्सीन वाले स्ट्रेन का खतरा

यह डीआरसी में 1976 के बाद से इबोला का 17वां प्रकोप है, जिसकी आधिकारिक घोषणा 15 मई को की गई थी। मौजूदा संक्रमण में 'बंडिबुग्यो' (Bundibugyo) प्रकार का इबोला वायरस शामिल है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस विशेष स्ट्रेन के लिए फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं है, हालांकि कुछ संभावित टीकों पर परीक्षण अभी जारी हैं। स्वास्थ्य टीमें अब समुदाय के साथ संवाद बढ़ाकर और जोखिमों के बारे में जानकारी फैलाकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं।

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