Typhoon Dolphin Hits China: चीन में आए साल के सबसे विनाशकारी और ताकतवर तूफान 'डॉल्फिन' ने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया है। करीब छह हजार किलोमीटर का लंबा समुद्री सफर तय करने के बाद भी यह चक्रवाती तूफान बेहद मजबूत बना हुआ है और देश के अंदरूनी इलाकों तक पहुंच चुका है।
इस भयंकर प्राकृतिक आपदा के चलते पूर्वी और मध्य चीन में मूसलाधार बारिश, बाढ़ और विनाशकारी भूस्खलन का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, कई क्षेत्रों में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं और लोगों को सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
चीन के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने भारी बारिश के लिए देश में दूसरा सबसे बड़ा चेतावनी स्तर यानी ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। इसके चलते हुबेई प्रांत के पश्चिमोत्तर हिस्से में अगले चौबीस घंटे के भीतर ढाई सौ मिलीमीटर तक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिससे बाढ़ और बढ़ेगी।
हुबेई प्रांत में तबाही के खतरे को देखते हुए मशहूर थ्री गॉर्जेस डैम पर्यटन क्षेत्र समेत कई बड़े पर्यटन स्थलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में चल रहे एक सौ सात निर्माण प्रोजेक्ट्स में से सबसे अधिक जोखिम वाले छब्बीस प्रोजेक्ट्स का काम रोक दिया गया है।
इस विनाशकारी आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश के चलते पूर्वी चीन के तटीय प्रांतों से सप्ताहांत में दस लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अकेले वेनझोउ शहर में नौ लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं, जबकि शंघाई में दो लाख पंद्रह हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
डॉल्फिन तूफान के प्रभाव से राजधानी बीजिंग में भी अगले चौबीस घंटे के दौरान साल भर में होने वाली कुल बारिश का एक-तिहाई हिस्सा बरसने का बड़ा अनुमान लगाया गया है। इसके बाहरी चार जिलों में अचानक आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए लेवल-वन आपातकालीन प्रतिक्रिया को तुरंत सक्रिय किया गया है।
पड़ोसी हेनान प्रांत में भी अचानक आने वाली विनाशकारी बाढ़ को लेकर मौसम विभाग द्वारा उच्चतम रेड अलर्ट पहले ही घोषित कर दिया गया है। हवाओं की तेज गति और मूसलाधार बारिश से हुबेई से हजार किलोमीटर दूर तक तबाही का खतरा बढ़ गया है, जिससे प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
बता दें कि हुबेई में पिछले महीने भी आए विनाशकारी तूफान मेसाक और दो दुर्लभ बवंडर के कारण कम से कम ग्यारह लोगों की दुखद मौत हो गई थी। वर्तमान में जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने भी देश में तेज हवाओं और अचानक बाढ़ का खतरा जताते हुए अपनी सुरक्षा तैयारियों को काफी तेज कर दिया है।