शी जिनपिंग और शी जिनपिंग, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

शी जिनपिंग का 'राइट हैंड' भी न बचा, चीन में जनरल झांग यूक्सिया के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच; सेना में मची खलबली

China Zhang Youxia Investigation: शी जिनपिंग ने अपनी सेना में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल करते हुए अपने सबसे भरोसेमंद डिप्टी और शीर्ष जनरल झांग यूक्सिया को जांच के दायरे में ले लिया है।

अमन उपाध्याय

China Military Purge News In Hindi: चीन की राजनीति और सैन्य गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सबसे करीबी और भरोसेमंद माने जाने वाले शीर्ष जनरल झांग यूक्सिया को अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के आरोप में जांच के दायरे में लिया गया है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार, 24 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा की।

शी जिनपिंग के दूसरे नंबर के अधिकारी पर गिरी गाज

75 वर्षीय जनरल झांग यूक्सिया केवल एक सैन्य अधिकारी नहीं, बल्कि शक्तिशाली केंद्रीय सैन्य आयोग के पहले क्रम के उपाध्यक्ष थे। उन्हें लंबे समय से शी जिनपिंग का 'राइट-हैंड' और दूसरा सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता रहा है। झांग के साथ-साथ सीएमसी के ज्वाइंट स्टाफ विभाग के प्रमुख जनरल लियू झेनली (61) के खिलाफ भी गंभीर जांच शुरू की गई है।

सीएमसी में अब केवल दो सदस्य शेष

विश्लेषकों का मानना है कि यह चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के भीतर शी जिनपिंग द्वारा चलाया जा रहा अब तक का सबसे बड़ा 'सफाई अभियान' है। साल 2022 में नियुक्त किए गए आयोग के सभी छह वर्दीधारी कमांडरों को अब पद से हटा दिया गया है। वर्तमान में CMC में केवल दो सदस्य बचे हैं एक तो खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग (अध्यक्ष के रूप में) और दूसरे जनरल झांग शेंगमीन, जो खुद इस सैन्य जांच और सफाई अभियान की देखरेख कर रहे हैं।

भ्रष्टाचार या प्रतिद्वंद्वियों का खात्मा?

आधिकारिक तौर पर इन जनरलों पर अनुशासन उल्लंघन का आरोप लगाया गया है जिसे चीन में अक्सर भ्रष्टाचार के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द माना जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह शी जिनपिंग द्वारा सेना पर अपना पूर्ण नियंत्रण मजबूत करने और संभावित प्रतिद्वंद्वियों को हटाने की एक सोची-समझी रणनीति है। इससे पहले 2024 में भी दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को भ्रष्टाचार के आरोपों में सेना से बाहर किया जा चुका है।

वैश्विक तनाव के बीच अस्थिरता

यह आंतरिक उथल-पुथल ऐसे समय में हो रही है जब ट्रंप प्रशासन ने अपनी नई राष्ट्रीय रक्षा रणनीति में चीन को एक ऐसी सैन्य शक्ति बताया है जिसे रोकना आवश्यक है। जहां एक ओर अमेरिका चीन के साथ एक 'सम्मानजनक शांति' की बात कर रहा है, वहीं बीजिंग के भीतर अपने ही सैन्य नेतृत्व को लेकर अविश्वास का माहौल गहराता जा रहा है।

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