ताइवान पर मंडराया संकट! चीन के 6 जंगी जहाज और 18 विमानों ने तोड़ी 'रेड लाइन', हाई अलर्ट पर सेना

China Taiwan Tension: ताइवान और चीन के बीच तनाव चरम पर है। चीन के 26 सैन्य विमानों और 6 युद्धपोतों ने ताइवान को घेर लिया है, जिनमें से 18 विमानों ने हवाई सीमा का उल्लंघन किया।
Crisis looms over Taiwan! Six Chinese warships and 18 aircraft crossed the 'red line', military on high alert.
चीन ताइवान तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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China Taiwan Conflict News in Hindi: ताइवान और चीन के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जब बीजिंग ने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए ताइवान के चारों ओर बड़े पैमाने पर विमानों और जहाजों की तैनाती कर दी। ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह 6 बजे तक पिछले 24 घंटों में चीन के 26 सैन्य विमानों और 6 पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी के जहाजों की गतिविधि दर्ज की गई है।

18 फाइटर जेट्स ने पार की 'रेड लाइन'

सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन 26 विमानों में से 18 विमानों ने ताइवान स्ट्रेट की 'मीडियन लाइन' को पार किया और ताइवान के उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) में प्रवेश कर लिया। ताइवान ने इसे एक गंभीर घुसपैठ माना है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उनकी सशस्त्र सेनाओं ने स्थिति पर लगातार नजर रखी और चीनी गतिविधियों के जवाब में उचित सैन्य कार्यवाही की।

लगातार दूसरे दिन बड़ी घुसपैठ

यह चीन की ओर से किया गया कोई इकलौता प्रयास नहीं था। इससे एक दिन पहले यानी शुक्रवार को भी चीन ने ताइवान पर सैन्य दबाव बनाया था। उस दौरान 23 चीनी लड़ाकू विमानों को ताइवान के पास उड़ान भरते देखा गया था जिनमें से 17 ने हवाई सीमा का उल्लंघन किया था। इन अभियानों में चीन ने अपने सबसे आधुनिक J-10 फाइटर जेट, H-6K बॉम्बर और KJ-500 जैसे एडवांस विमानों का इस्तेमाल किया था।

एयर-सी ट्रेनिंग और ड्रोन का खतरा

सूत्रों के अनुसार, यह घुसपैठ चीनी नेवी के जहाजों के साथ संयुक्त एयर-सी ट्रेनिंग का हिस्सा थी। इसी दौरान ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में एक चीनी सर्विलांस ड्रोन भी देखा गया जो प्राटास द्वीप समूह (डोंगशा) की ओर बढ़ रहा था। यह ड्रोन कुछ समय के लिए ताइवान के क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र में भी दाखिल हुआ जिससे द्वीप पर तैनात ताइवानी सैनिकों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया गया।

अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीतिक चाल

चीन की यह आक्रामकता ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ताइवान के बीच व्यापारिक समझौते को लेकर चर्चा तेज है, जिससे चीन पहले से ही बेचैन है। दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में कोरोना को लेकर चीन पर निशाना साधा था लेकिन वे अप्रैल में चीन की यात्रा पर भी जाने वाले हैं, जिससे तनाव कम होने की उम्मीद की जा रही थी।

हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ताइवान ने चीन की इस हरकत को 'गैर-जिम्मेदाराना और उकसावे वाला कदम' करार दिया है, जो क्षेत्रीय शांति और अंतरराष्ट्रीय नियमों का सीधा उल्लंघन है।

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