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विदेश

सिगरेट का 'ग्लोबल हब' बना चीन, दुनिया भर में घटी खपत; मगर चीनियों ने फूंक दी 39% ज्यादा सिगरेट

China Tobacco Report: चीन में तंबाकू सेवन को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट आई है। दुनिया की आधी सिगरेट अकेले 30 करोड़ चीनी नागरिक पी जाते हैं। पाबंदियों के बावजूद यहां खपत में 39% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अमन उपाध्याय

China Tobacco Report Cigarette Consumption: दुनिया भर में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच चीन से एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जिसने विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है। मिले आंकड़ों के मुताबिक, चीन तंबाकू की खपत के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।

रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दुनिया भर में पी जाने वाली कुल सिगरेट का लगभग आधा हिस्सा अकेले चीन के नागरिक पी जाते हैं। यह स्थिति तब है जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने खुद तंबाकू के खिलाफ एक तरह से 'युद्ध' छेड़ रखा है।

आंकड़ों में चीन का 'धुआं'

चाइनीज सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल (CDC) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया में हर साल औसतन 5 ट्रिलियन सिगरेट की खपत होती है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें से 2.4 ट्रिलियन सिगरेट अकेले चीन में पी जाती हैं। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो चीन की लगभग 140 करोड़ की आबादी में से 23 प्रतिशत लोग यानी करीब 30 करोड़ नागरिक सिगरेट की लत के शिकार हैं। यानी चीन में हर 100 में से 23 व्यक्ति धूम्रपान करता है।

रिपोर्ट में एक और चिंताजनक पहलू यह है कि जहां 2003 से 2023 के बीच पूरी दुनिया में सिगरेट की खपत में 26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं इसके विपरीत चीन में खपत में 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग, जो खुद कभी भारी धूम्रपान करते थे और अब इसे छोड़ चुके हैं। उन्होंने 2012 में सत्ता संभालने के बाद इस पर नियंत्रण का वादा किया था। उन्होंने कई मौकों पर तंबाकू के खिलाफ लड़ाई की बात कही लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई खास असर नजर नहीं आ रहा है।

सख्त कानून लेकिन बेअसर पाबंदियां

चीन ने तंबाकू नियंत्रण के लिए कई कानून बनाए हैं। मसलन, 18 साल से कम उम्र के बच्चों को सिगरेट बेचना अपराध है और सार्वजनिक परिवहन या अन्य पब्लिक प्लेस पर धूम्रपान प्रतिबंधित है। इसके अलावा, साल 2022 में चीन सरकार ने सिगरेट पर 10 प्रतिशत टैक्स भी लगाया और ई-सिगरेट पर भी कड़े नियम लागू किए। बावजूद इसके, चीन का लक्ष्य 2030 तक धूम्रपान के आंकड़ों में कमी लाने का है जो वर्तमान स्थिति को देखते हुए चुनौतीपूर्ण लग रहा है।

अर्थव्यवस्था और तंबाकू का गहरा कनेक्शन

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर चीन में सिगरेट की खपत कम क्यों नहीं हो रही? इसका मुख्य कारण आर्थिक लाभ बताया जा रहा है। चीन में सिगरेट का पूरा कारोबार सरकारी स्वामित्व वाली 'चाइना नेशनल टोबैको कॉरपोरेशन' संभालती है।

साल 2025 में इस कंपनी का शुद्ध मुनाफा 244 बिलियन डॉलर था, जो चीन सरकार की कुल आय का लगभग 7 प्रतिशत हिस्सा है। कोरोना काल के बाद जब देश आर्थिक संकट से जूझ रहा था, तब इस उद्योग ने सरकार के राजस्व को बड़ा सहारा दिया था। यही कारण है कि तंबाकू नियंत्रण के सख्त प्रावधानों को कभी भी पूरी कड़ाई से लागू नहीं किया गया।

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