China Sanctions UN General Assembly: संयुक्त राष्ट्र में चीन ने एकतरफा दंडात्मक प्रतिबंधों के बढ़ते इस्तेमाल पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू थ्सोंग ने महासभा की तीसरी समिति में 28 देशों की ओर से बयान जारी किया।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकतरफा दंडात्मक उपायों और अवैध प्रतिबंधों पर तुरंत अंकुश लगाने की मांग की है। फू थ्सोंग ने कहा कि एकतरफावाद और अवैध प्रतिबंधों के प्रयोग से वैश्विक व्यवस्था में अराजकता पैदा हो रही है।
विकासशील देश और उनके आम नागरिक लंबे समय से इन अनुचित प्रतिबंधों के नकारात्मक प्रभावों को झेल रहे हैं। चीन और 28 समान विचारधारा वाले देशों ने पश्चिमी देशों से इन अवैध एकतरफा दंडात्मक उपायों को तुरंत हटाने की अपील की है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में बोलते हुए चीनी राजदूत फू थ्सोंग ने एकतरफावाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर एकतरफा दंडात्मक उपायों का अनुचित इस्तेमाल चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है।
इतिहास गवाह है कि ऐसे अवैध उपाय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अव्यवस्था और वैश्विक व्यवस्था में गड़बड़ी के मुख्य कारण रहे हैं। फू थ्सोंग ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ऐसे उपायों के प्रति अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
वैश्विक स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी राष्ट्रों को आपस में एकजुटता और सहयोग को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी अवैध प्रथाओं और प्रतिबंधों पर रोक लगाना अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए अनिवार्य है।
चीन के स्थायी प्रतिनिधि ने रेखांकित किया कि विकासशील देश और उनके लोग इन एकतरफा दंडात्मक उपायों का भारी खमियाजा भुगत रहे हैं। ये दंडात्मक उपाय संप्रभु समानता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं।
इसके अलावा यह दूसरे स्वतंत्र देशों के आंतरिक मामलों में गैर-कानूनी हस्तक्षेप है जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के विपरीत है। फू थ्सोंग अनुसार यह रवैया बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय कानून की मूल भावना के खिलाफ काम करता है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय कई बार इन एकतरफा प्रतिबंधों को तुरंत हटाने की मांग कर चुका है, पर इनका प्रयोग जारी है। इसके परिणामस्वरूप संबंधित देशों के नागरिकों के जीवन, आजीविका और मानवाधिकारों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।
चीनी राजदूत ने कहा कि एकतरफा दंडात्मक उपाय, द्वितीयक प्रतिबंध और अत्यधिक अनुपालन मानवीय व आर्थिक संकट को बढ़ा रहे हैं। इन प्रतिबंधों से वैश्विक खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और वित्तीय सुरक्षा जैसे क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं।
इससे विकासशील देशों में आम नागरिकों के जीवन स्तर पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और आर्थिक प्रगति बाधित हो रही है। फू थ्सोंग ने स्पष्ट किया कि 28 समान विचारधारा वाले देशों ने एकतरफा दंडात्मक उपायों के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दोहराया है।
उन्होंने कुछ पश्चिमी देशों से आग्रह किया कि वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की न्यायसंगत अपीलों पर ध्यान दें। चीन और सहयोगी देशों ने मांग की कि सभी एकतरफा दंडात्मक उपायों को तत्काल और बिना शर्त वापस लिया जाए।