

UP Women Safety Helpline 181: उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को लेकर योगी सरकार की प्रतिबद्धता लगातार मजबूत हो रही है। इसी दिशा में मिशन शक्ति की उपयोजना ‘संबल’ के तहत संचालित 181-महिला हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20.70 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिली है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यह राशि केंद्र सरकार से दूसरी किस्त के रूप में उपलब्ध कराई गई है। महिला कल्याण विभाग की ओर से जारी शासनादेश ने महिला सहायता तंत्र को और मजबूती देने की दिशा में सरकार की प्राथमिकता को स्पष्ट किया है।
योगी सरकार ने महिला सुरक्षा को केवल कानून-व्यवस्था का विषय न मानकर उसे व्यापक महिला सशक्तीकरण से जोड़ा है। 181-महिला हेल्पलाइन इसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संकट में फंसी महिलाओं को सहायता, मार्गदर्शन और संबंधित सेवाओं से जोड़ने वाली यह व्यवस्था जरूरतमंद महिलाओं के लिए भरोसे का माध्यम बन रही है। वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता से हेल्पलाइन के संचालन में निरंतरता और प्रभावशीलता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
शासनादेश के मुताबिक, 181-महिला हेल्पलाइन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 125 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें से केंद्र सरकार द्वारा 20.70 लाख रुपये की दूसरी किस्त के रूप में वित्तीय स्वीकृति दी गई है। यह राशि निर्धारित मद में खर्च की जाएगी और इसका उपयोग केवल संबंधित योजना के उद्देश्य के लिए ही किया जाएगा।
योगी सरकार की कार्यशैली की खासियत यह है कि महिला कल्याण योजनाओं के साथ वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर भी समान जोर दिया जा रहा है। शासनादेश में स्पष्ट निर्देश हैं कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित कार्यों पर ही किया जाएगा। किसी अन्य योजना या मद में राशि का इस्तेमाल नहीं होगा। इससे सरकारी धन के प्रभावी और जवाबदेह उपयोग की व्यवस्था मजबूत होती है।
अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। 181महिला हेल्पलाइन जरूरतमंद महिलाओं को त्वरित सहायता और आवश्यक सेवाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
केंद्र से मिली 20.70 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति से हेल्पलाइन के संचालन को और मजबूती मिलेगी। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक जरूरतमंद महिला तक समयबद्ध सहायता पहुंचे। मिशन शक्ति के माध्यम से सुरक्षा के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।