China Rejects Trump Gift Claim Iran Ship Hormuz Strait: चीन और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव एक बार फिर गहरा गया है। शुक्रवार को बीजिंग में एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने एक रोके गए ईरानी जहाज में चीन की ओर से 'उपहार' (Gift) होने की आशंका जताई थी।
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि चीन बिना किसी तथ्यात्मक साक्ष्य के लगाए गए आरोपों और अटकलों को स्वीकार नहीं करेगा और देशों के बीच होने वाले सामान्य व्यापार को बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका ने एक संदिग्ध सामान वाले जहाज को रोका है और यह शायद चीन की ओर से भेजा गया कोई 'गिफ्ट' हो सकता है। ट्रंप ने इस पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि उनके और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अच्छे संबंध हैं और उन्हें लगा था कि दोनों देशों के बीच बेहतर समझ बनी हुई है। इससे पहले, 21 अप्रैल को साउथ कैरोलिना की पूर्व गवर्नर निक्की हेली ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में पकड़ा गया यह जहाज चीन से ईरान जा रहा था और इसमें मिसाइलों के लिए रासायनिक सामग्री हो सकती थी। उन्होंने इसे चीन द्वारा ईरान सरकार को दिए जा रहे समर्थन की याद दिलाने वाली घटना बताया।
चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने हॉर्मुज स्ट्रेट की स्थिति को 'जटिल और संवेदनशील' बताते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा जहाज को जबरन रोकना चिंताजनक है। चीन ने सभी पक्षों से जिम्मेदारी दिखाने और क्षेत्र में तनाव बढ़ाने से बचने की अपील की है।
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हॉर्मुज़ स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला एक रणनीतिक मार्ग है, जो वैश्विक तेल व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल इसी मार्ग से गुजरता है, जिसके कारण पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच यहां के हालात पूरी दुनिया के लिए संवेदनशील बने हुए हैं।