साउथ चाइना सी में चीन-फिलीपींस आमने-सामने, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
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साउथ चाइना सी में खतरे की घंटी! मछुआरों पर कार्रवाई के बाद चीन-फिलीपींस आमने-सामने; तनाव चरम पर

China Philippines Clash: साउथ चाइना सी में चीन और फिलीपींस के बीच चल रहा समुद्री विवाद एक बार फिर हिंसक टकराव में बदल गया है। सबीना शोल के पास हुई ताजा घटना ने क्षेत्रीय तनाव को और गहरा कर दिया है।

अमन उपाध्याय

South China Sea Dispute: साउथ चाइना सी में चीन और फिलीपींस के बीच द्वीपों और समुद्री क्षेत्रों को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर उग्र हो गया है। शनिवार को दोनों देशों के बीच समुद्र में टकराव की स्थिति पैदा हो गई, जब फिलीपींस के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि चीन कोस्ट गार्ड के जहाजों ने फिलीपींस की मछली पकड़ने वाली नावों पर कार्रवाई की। इस घटना में तीन फिलीपींस मछुआरे घायल हो गए, जिससे मनीला और बीजिंग के बीच तनाव और बढ़ गया है।

फिलीपींस के अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना सबीना शोल के पास हुई, जो पलावन द्वीप से करीब 150 किलोमीटर दूर स्थित एक मछली-समृद्ध इलाका है।

नावों को जबरन हटाने की कोशिश

फिलीपींस का कहना है कि यह क्षेत्र उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के अंतर्गत आता है, जहां उसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मछली पकड़ने और संसाधनों के दोहन का अधिकार है। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि चीनी जहाजों ने उनकी मछली पकड़ने वाली नावों को जबरन हटाने की कोशिश की जिसके चलते समुद्र में टकराव की स्थिति बन गई।

पहले भी कई बार हो चुके हैं टकराव

वहीं, चीन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि उसने इलाके में जरूरी नियंत्रण उपाय अपनाए हैं। बीजिंग का कहना है कि करीब 20 फिलीपींस की मछली पकड़ने वाली नावें अवैध रूप से उसके दावे वाले क्षेत्र में प्रवेश कर गई थीं जिसके बाद चीन कोस्ट गार्ड ने कार्रवाई की। चीन लंबे समय से दक्षिण चीन सागर के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता रहा है, जिसे वह ऐतिहासिक अधिकारों के आधार पर सही ठहराता है। यह विवाद केवल मछली पकड़ने तक सीमित नहीं है। दक्षिण चीन सागर का यह इलाका प्राकृतिक गैस और तेल जैसे संसाधनों से भरपूर माना जाता है, जिससे इसका रणनीतिक और आर्थिक महत्व काफी बढ़ जाता है। स्कारबोरो शोल और स्प्रैटली आइलैंड्स जैसे क्षेत्रों में चीन और फिलीपींस की नौसेनाओं और कोस्ट गार्ड के बीच पहले भी कई बार टकराव हो चुके हैं।

चीन अपने आक्रामक रुख पर कायम

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिलीपींस को अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों का समर्थन मिल रहा है, जो इस क्षेत्र में स्वतंत्र नौवहन और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन की बात करते हैं। अंतरराष्ट्रीय न्यायिक फैसलों में भी यह कहा जा चुका है कि दक्षिण चीन सागर पर चीन के व्यापक दावों का कोई कानूनी आधार नहीं है। इसके बावजूद चीन अपने आक्रामक रुख पर कायम है।

गौरतलब है कि अक्टूबर में भी फिलीपींस ने आरोप लगाया था कि स्प्रैटली आइलैंड्स के पास एक चीनी जहाज ने जानबूझकर उसके सरकारी पोत को टक्कर मारी थी। हालांकि, चीन ने उस घटना की जिम्मेदारी लेने से इनकार करते हुए मनीला को ही दोषी ठहराया था। मौजूदा घटनाक्रम से साफ है कि दक्षिण चीन सागर में तनाव फिलहाल कम होने के आसार नहीं हैं।

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