Captain Smit Machhar Airlift Dubai: फ्लाईदुबाई की फ्लाइट FZ1073 को बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार खतरे से बाहर हैं। उड़ान दौरान कॉकपिट में हुए जानलेवा हमले के बाद कैप्टन स्मित को एयरलिफ्ट कर दुबई के अस्पताल लाया गया है।
अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद कैप्टन स्मित अपने परिजनों से मिले, जिससे परिवार ने बड़ी राहत महसूस की। UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने गुरुवार को दुबई पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और मदद का भरोसा दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित की पत्नी और माता-पिता से फोन पर बात कर उनकी बहादुरी की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित ने अपने साहस से सैकड़ों यात्रियों की जान बचाकर देश का मान बढ़ाया है।
फ्लाईदुबाई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान को-पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया था। हमले से प्लेन तेजी से नीचे गिरने लगा और कॉकपिट में गंभीर स्थिति पैदा हो गई थी।
घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने साहस दिखाया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही यात्री तुरंत मदद के लिए आगे आए और कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू में कर लिया।
हमलावर के पकड़े जाने के बाद घायल पायलट को प्राथमिक चिकित्सा दी गई और प्लेन की सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सऊदी में इलाज के बाद कैप्टन स्मित को एयरलिफ्ट कर दुबई अस्पताल लाया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मामले की जानकारी मिलते ही कैप्टन स्मित के परिवार से फोन पर बातचीत की। सूत्रों अनुसार पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित की पत्नी और माता-पिता से बात की और उनकी वीरता को सलाम किया।
पीएम ने कहा कि एक हिंदुस्तानी पायलट ने अपनी सूझबूझ से 9/11 जैसी त्रासदी होने से बचा लिया। UAE में भारतीय राजदूत दीपक मित्तल ने दुबई में कैप्टन स्मित के परिवार से मुलाकात की और हालचाल जाना।
राजदूत मित्तल ने परिजनों को भरोसा दिया कि भारत सरकार इस समय उनके साथ खड़ी है और पूरी सहायता प्रदान करेगी। परिवार के सदस्यों ने पीएम मोदी और भारत सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
दुबई के अस्पताल में इलाज के बाद कैप्टन स्मित की हालत अब स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है। अस्पताल में वे अपने परिजनों से मिले, जिससे लंबे समय से चिंतित परिवार ने सुकून की सांस ली।
इजरायली पीएम नेतन्याहू और अमेरिकी नेताओं ने भी भारतीय पायलट की सूझबूझ और साहस की सराहना की है। विमान में सवार 174 यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले कैप्टन स्मित की बहादुरी की चर्चा पूरी दुनिया में है।
उनके इस अदम्य साहस ने साबित कर दिया कि भारतीय पायलट हर विषम परिस्थिति का सामना कर सकते हैं। फिलहाल दुबई में डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।