New Canada PR Plan Rules: कनाडा PR योजना के नए नियम के तहत कनाडा में रहने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कनाडा सरकार ने ग्रामीण और छोटे शहरों में काम कर रहे अस्थाई निवासियों के लिए नियम बहुत आसान किए हैं। इस नई योजना से उन विदेशी कामगारों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो वहां लंबे समय से काम कर रहे हैं। कनाडा के बड़े शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इस नई सरकारी योजना का कोई भी लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार का मुख्य फोकस अब पूरी तरह से ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों की तरफ बहुत तेजी से बढ़ रहा है। यह ऐतिहासिक कदम वहां के ग्रामीण क्षेत्रों में विदेशी कामगारों को स्थायी निवास दिलाने के लिए उठाया गया है। इमिग्रेशन मंत्री लीना डियाब ने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बारे में पिछले दिनों एक बहुत खास इंटरव्यू दिया था। इस पूरी योजना का मुख्य विवरण और सभी दिशा-निर्देश आने वाले कुछ ही हफ्तों में जारी कर दिए जाएंगे।
कनाडा सरकार ने साल 2026 और 2027 के दौरान लगभग 33,000 कामगारों को स्थायी निवास देने की शानदार घोषणा की है। यह विशेष योजना केवल उन विदेशी कामगारों के लिए है जो पहले से ही कनाडा के ग्रामीण इलाकों में मौजूद हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों में इमिग्रेशन को बहुत ही तेजी के साथ आगे बढ़ाना है।
इस नई PR योजना से कनाडा के बड़े शहर जैसे टोरंटो, वैंकूवर और मॉन्ट्रियल को पूरी तरह बाहर रखा गया है। इन प्रमुख शहरों में काम करने वाले अस्थाई कर्मचारी अब इस नई TR टू PR योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कार्यक्रम में सभी जनगणना महानगरीय क्षेत्र यानी कि सीएमए शामिल नहीं होंगे।
कनाडा सांख्यिकी विभाग के अनुसार सीएमए एक या अधिक पड़ोसी नगरपालिकाओं को मिलाकर बनाया गया एक बड़ा शहरी केंद्र है। इस केंद्र की कुल जनसंख्या कम से कम 1,00,000 होनी चाहिए और मुख्य शहरी क्षेत्र में 50,000 लोग होने चाहिए। कनाडा की 2021 की जनगणना के अनुसार पूरे देश में कुल 41 सीएमए हैं जहां 84 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।
यह TR टू PR मार्ग एक बहुत ही खास और एक बार का संघीय इमिग्रेशन कार्यक्रम है जो हाल ही में शुरू हुआ है। आईआरसीसी ने इस बहुत ही महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम की शुरुआत इसी साल मार्च के महीने में कर दी थी। इससे पहले भी ऐसा एक कार्यक्रम 14 अप्रैल 2021 को शुरू हुआ था जिसकी आवेदन सीमा 16 जुलाई को पूरी हुई थी।
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सीएमए को बाहर रखने का सबसे बड़ा कारण यह है कि सरकार छोटे शहरों में अपनी आबादी को तेजी से बढ़ाना चाहती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे अस्थाई विदेशी कामगारों को PR पाने का बहुत ही शानदार अवसर मिल सकेगा। यह व्यवस्था उन सभी कर्मचारियों के लिए एक वरदान साबित होगी जो लंबे समय से स्थायी निवास का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।