Canada vs UK Student PR Rules: विदेश में पढ़ाई के साथ वहां स्थायी रूप से बसने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए कनाडा आज भी सबसे भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है। हालांकि कनाडा सरकार ने हाल ही में इमिग्रेशन नियमों में सख्ती की है, लेकिन यूनाइटेड किंगडम (UK) की तुलना में यहां स्थायी निवास (PR) पाना कहीं अधिक आसान और तेज है।
कनाडा का 'स्टडी-टू-इमिग्रेट' मॉडल छात्रों को पढ़ाई खत्म करने के तुरंत बाद वर्क परमिट और फिर नागरिकता की ओर ले जाने वाला एक स्पष्ट रास्ता प्रदान करता है। यही कारण है कि यूके के कड़े होते नियमों के बीच वैश्विक स्तर पर छात्र कनाडा को अपनी पहली प्राथमिकता के रूप में चुन रहे हैं।
कनाडा में उच्च शिक्षा पूरी करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्र अपनी डिग्री मिलने के मात्र एक वर्ष के भीतर ही स्थायी निवास के लिए पात्र हो सकते हैं। इसके विपरीत, यूके में स्थायी निवास (ILR) पाने के लिए छात्रों को कम से कम पांच साल और कभी-कभी दस साल तक का लंबा इंतजार करना पड़ता है। कनाडा की एक्सप्रेस एंट्री प्रणाली और कनाडाई अनुभव श्रेणी (CEC) छात्रों को कम उम्र में ही कानूनी रूप से बसने का मौका देती है, जो यूके में संभव नहीं है।
कनाडा में पढ़ाई के बाद मिलने वाला पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) छात्रों को तीन साल तक काम करने की अनुमति देता है, जो उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, यूके ने अपने ग्रेजुएट वीजा नियमों को लगातार सख्त किया है, जहां 2027 तक छात्रों को केवल 18 महीने का ही वर्क वीजा मिल पाएगा। कनाडा में छात्रों को न केवल काम करने के लिए अधिक समय मिलता है, बल्कि वहां का कार्य अनुभव सीधे उनकी PR फाइल को मजबूत बनाने में मदद करता है।
यूके में ग्रेजुएट वीजा पर किया गया काम अक्सर स्थायी निवास की गणना में नहीं जोड़ा जाता है, जिसके लिए छात्रों को स्किल्ड वर्कर वीजा पर स्विच करना पड़ता है। कनाडा में स्थिति इसके बिल्कुल उलट है, यहां PGWP के दौरान हासिल किया गया कोई भी कुशल कार्य अनुभव सीधे PR की पात्रता में गिना जाता है। इस नीतिगत अंतर के कारण कनाडा जाने वाले छात्र यूके जाने वाले छात्रों की तुलना में औसतन 4-5 साल पहले ही स्थायी नागरिक का दर्जा हासिल कर लेते हैं।
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यूके में स्थायी निवास के नियम बार-बार बदलने और प्रायोजन (Sponsorship) की कठिन शर्तों के कारण छात्रों में भारी अनिश्चितता का माहौल बना रहता है। कनाडा ने भी स्टूडेंट परमिट की सीमा तय की है, लेकिन वहां का इमिग्रेशन सिस्टम आज भी अधिक पारदर्शी और प्रक्रियात्मक रूप से सरल माना जाता है। जो छात्र शिक्षा के बाद एक सुरक्षित और स्थिर भविष्य की तलाश में हैं, उनके लिए कनाडा की नीतियां आज भी यूनाइटेड किंगडम के मुकाबले कहीं अधिक छात्र-अनुकूल और प्रभावी साबित हो रही हैं।