Bangladesh NSA Criticize Delhi Blast: बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) डॉ. खलीलुर रहमान इस समय भारत दौरे पर हैं और दिल्ली में आयोजित सातवें कोलंबो सेक्योरिटी कॉन्क्लेव में भाग लेने पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने गुरुवार को दिल्ली में हुए बम धमाकों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे एक निंदनीय कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में बांग्लादेश भारत के साथ खड़ा है और ऐसे घिनौने कार्यों की कड़ी निंदा करता है।
रहमान का यह बयान उस समय आया है जब हाल ही में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को 2024 के दंगों से संबंधित मामले में मौत की सजा सुनाई गई है। इससे भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में एक बार फिर तनाव पैदा हो गया है, क्योंकि हसीना 2024 में बांग्लादेश से भागकर भारत आ गई थीं। तब से बांग्लादेश भारत से उनकी प्रत्यार्पण की मांग कर रहा है।
खलीलुर रहमान ने बयान जारी करते हुए कहा, सबसे पहले मैं दिल्ली के लाल किले में हुए भीषण बम धमाके में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इस कायरतापूर्ण कृत्य की हम कड़ी निंदा करते हैं। हम पहले ही भारत सरकार से यह कह चुके हैं कि बांग्लादेश इस कठिन समय में भारत के साथ खड़ा है और हम अपने भाइयों और बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
उन्होंने आगे कहा, कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) की सातवीं बैठक में भाग लेना मेरे और मेरे डेलीगेशन के लिए एक सम्मान की बात है। इस बैठक का आयोजन करने के लिए मैं भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का धन्यवाद करता हूं। साथ ही, बांग्लादेश डेलीगेशन के गर्मजोशी से स्वागत और मेहमाननवाज़ी के लिए हम उनके आभारी हैं। हम कॉन्क्लेव के सेक्रेटरी-जनरल को भी बधाई देते हैं और उनके काम के लिए सफलता की कामना करते हैं।
यह भी पढ़ें: मिस यूनिवर्स में दर्दनाक हादसा! स्टेज गिरी कंटेस्टेंट, स्ट्रेचर पर ले जाने का VIDEO हुआ वायरल
रहमान ने कहा, बांग्लादेश कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव को हिंद महासागर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा मंच मानता है। बंगाल की खाड़ी में स्थित होने के नाते, हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि हमारे राष्ट्रीय हितों का अभिन्न हिस्सा है। इस क्षेत्र के देशों का संयुक्त प्रयास ग्लोबल GDP और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान करता है। पर्यावरण परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद और संगठित अपराध जैसी चुनौतियों के साथ-साथ ब्लू इकॉनमी की अपार संभावनाएं हमारे सहयोग और साझा कार्यों को दिशा देती हैं।