अवामी लीग नेता की मौत से बांग्लादेश में तनाव (फोटो- सोशल मीडिया) 
विदेश

बांग्लादेश में फिर भड़की चिंगारी, पुलिस हिरासत में हसीना के नेता की मौत, यूनुस पर बरसी अवामी लीग

Bangladesh: अवामी लीग के नेता अबू बक्र सिद्दीकी मुन्ना की पुलिस हिरासत में मौत से बांग्लादेश में तनाव की स्थिती बन गई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर उनके नेताओं को निशाना बना रही है।

अक्षय साहू

Awami League Party Leader Death in Police Custody: बांग्लादेश की अवामी लीग पार्टी ने अपने नेता अबू बक्र सिद्दीकी मुन्ना की हिरासत में हुई मौत को हत्या करार दिया है। दल ने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर आरोप लगाया कि वो उनके नेताओं और कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। गैबांधा जिला जेल में बंद अबू बक्र सिद्दीकी मुन्ना की सोमवार को मृत्यु हो गई थी।

यूनुस शासन की कड़ी आलोचना करते हुए, पार्टी ने कहा कि बांग्लादेश की जनता देख रही है कि कैसे "जबरदस्ती सत्ता पर कब्जा करने वाले, हत्यारे, फासीवादी यूनुस और उनके साथी" अलग-अलग तरीकों से अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या कर रहे हैं। अबू बक्र सिद्दीकी मुन्ना की मौत से बांग्लादेश में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है।

यूनुस पर हमलावर हुए अवामी लीग

अवामी लीग ने एक बयान जारी करते हुए कहा, "इसी क्रम में, गैबांधा के फुलछारी उपजिला के कांचीपाड़ा यूनियन में अवामी लीग के नेता और यूनियन परिषद के पूर्व अध्यक्ष अबू बक्र सिद्दीकी मुन्ना (मुन्ना चेयरमैन) की हत्या कर दी गई है। हम जबरदस्ती सत्ता पर कब्जा करने वाले, हत्यारे, फासीवादी यूनुस और उनके साथियों द्वारा सुनियोजित तरीके से की गई हत्या की कड़ी निंदा और विरोध करते हैं। हम शोक संतप्त परिवार के साथ अपनी एकजुटता भी व्यक्त करते हैं और यह विश्वास दिलाते हैं कि उन्हें आगे चलकर न्याय जरूर मिलेगा।"

पार्टी ने आरोप लगाया कि यूनुस शासन अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं,14-दलीय गठबंधन के नेताओं और विभिन्न व्यवसायों के लोगों को फर्जी मामले में फंसा रहा है। अवामी लीग के मुताबिक, जेलों को दुनिया की सबसे सुरक्षित जगहों में से एक माना जाता है, लेकिन बांग्लादेश में बंदियों को नारकीय यातनाएं दी जा रही हैं। इसने यह भी आरोप लगाया कि कैदियों को शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी जा रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप हिरासत में मौतों की संख्या हर दिन बढ़ रही है।

हसीना के समर्थकों पर झूठे आरोप

पार्टी ने कहा, "अभी भी अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं को तरह-तरह की यातनाएं देकर मारा जा रहा है। सभी के खिलाफ झूठे और उत्पीड़नकारी मामले दर्ज किए जा रहे हैं। एक मामले में जमानत मिल जाती है, तो दूसरे मामले में दिखाई गई गिरफ्तारी का इस्तेमाल करके उन्हें अन्यायपूर्ण तरीके से हिरासत में रखा जाता है। इस तरह, शारीरिक यातना के साथ-साथ अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं को मारने के लिए मानसिक यातनाएं भी दी जा रही हैं।"

एजेंसी इनपुट के साथ-

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