BNP के 4 हिंदू और अल्पसंख्यक उम्मीदवारों ने दर्ज की ऐतिहासिक जीत (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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Bangladesh Election Results: BNP के 4 हिंदू और अल्पसंख्यक उम्मीदवारों ने दर्ज की ऐतिहासिक जीत

Bangladesh Hindu Candidates: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में BNP की बड़ी जीत के बीच हिंदू समुदाय के 4 उम्मीदवारों ने संसद में अपनी जगह बनाई है, जो अल्पसंख्यक भागीदारी के लिए एक बड़ा संकेत है।

प्रिया सिंह

Bangladesh General Election Result Minority Win: बांग्लादेश के हालिया संसदीय चुनाव के नतीजों ने पूरे दक्षिण एशिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इन चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP ने 211 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। सबसे खास बात यह रही कि इस बार हिंदू समुदाय के चार बड़े नेताओं ने भी जीत हासिल की है। अल्पसंख्यक सुरक्षा की चर्चाओं के बीच इन उम्मीदवारों की जीत को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

BNP की भारी जीत

ताजा चुनावी नतीजों के अनुसार BNP ने कुल 211 सीटों पर कब्जा जमाकर सत्ता की ओर कदम बढ़ाए हैं। वहीं दूसरी तरफ इस्लामी दल को केवल 68 सीटों पर जीत मिली है जिससे सत्ता समीकरण बदल गए हैं। इस बड़े बदलाव के बीच देश में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व का सवाल एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है।

दिग्गज हिंदू नेताओं की जीत

ढाका क्षेत्र से वरिष्ठ नेता गायेश्वर चंद्र राय की जीत को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने कड़े मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वी को पीछे छोड़ते हुए करीब 99 हजार से अधिक मत हासिल किए। अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों की खबरों के बीच उनकी जीत को एक प्रतीकात्मक जीत माना जा रहा है।

मगुरा और रंगामाटी के परिणाम

मगुरा क्षेत्र से निताई राय चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 147,000 से अधिक मत प्राप्त किए हैं। वे पार्टी के भीतर अल्पसंख्यक समुदाय का एक प्रभावशाली चेहरा हैं और गायेश्वर राय के करीबी माने जाते हैं। वहीं रंगामाटी क्षेत्र से अधिवक्ता दीपेन देवान ने भी जीत दर्ज कर संसद में अपनी जगह बनाई है।

बंदरबन क्षेत्र में सफलता

बंदरबन क्षेत्र से साचिंग प्रू ने भी 141,000 से ज्यादा वोटों के साथ बड़ी जीत हासिल की है। इनकी जीत के साथ ही BNP की ओर से संसद पहुंचने वाले अल्पसंख्यक प्रतिनिधियों की संख्या चार हो गई है। अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्रों में इन नेताओं की जीत से पार्टी की स्थिति काफी मजबूत हुई है।

जमात-ए-इस्लामी को बड़ा झटका

इसके विपरीत जमात-ए-इस्लामी गठबंधन के एकमात्र हिंदू उम्मीदवार को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। खुलना क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे इस उम्मीदवार को पर्याप्त वोट तो मिले लेकिन वे जीत नहीं पाए। इस हार का मतलब यह है कि इस गठबंधन का कोई भी अल्पसंख्यक प्रतिनिधि संसद नहीं पहुंच पाया।

अल्पसंख्यक भागीदारी की चुनौती

इस चुनाव में कुल 79 अल्पसंख्यक उम्मीदवार मैदान में थे जिनमें 10 महिलाएं भी शामिल थीं। कुल 60 पंजीकृत दलों में से केवल 22 राजनीतिक दलों ने ही अल्पसंख्यक चेहरों को टिकट दिया था। विशेषज्ञों के अनुसार संसद में अल्पसंख्यकों का सीमित प्रतिनिधित्व अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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