बांग्लादेश की संसद में 'दागियों' का राज, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
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बांग्लादेश की संसद में 'दागियों' का राज, 43 सांसदों पर हत्या के केस, आधे से ज्यादा नेता आपराधिक रिकॉर्ड वाले

Criminal Cases BNP MPs:बांग्लादेश की 13वीं संसद के आंकड़ों के अनुसार, 43 सांसदों पर हत्या के मामले दर्ज हैं जबकि BNP के 50% से अधिक और जमात के 47% सांसद वर्तमान में कानूनी मुकदमों का सामना कर रहे हैं।

अमन उपाध्याय

Bangladesh News In Hindi: बांग्लादेश में हाल ही में संपन्न हुए 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के परिणामों के बाद अब जनप्रतिनिधियों की साख को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। देश के प्रमुख नागरिक संगठन 'सुशासन के लिए नागरिक' द्वारा जारी एक रिपोर्ट ने यह खुलासा किया है कि इस बार की संसद में न केवल अपराध बल्कि धनबल का भी जबरदस्त प्रभाव है। विश्लेषण के अनुसार, नवनिर्वाचित 43 सांसदों पर हत्या जैसे संगीन मामले दर्ज हैं जो लोकतंत्र की स्वच्छता पर एक गंभीर चिंता का विषय है।

अपराध का पार्टीवार विश्लेषण

ढाका के प्रमुख अखबार 'दे डेली स्टार' की रिपोर्ट और शुजन के आंकड़ों के मुताबिक, संसद में प्रमुख राजनीतिक दलों के भीतर आपराधिक मामलों का प्रतिशत काफी ऊंचा है। इसमें सबसे शीर्ष पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) है जिसने चुनाव में बड़ी जीत तो दर्ज की लेकिन उसके 50.24 प्रतिशत सांसदों पर वर्तमान में आपराधिक मामले चल रहे हैं। दूसरे स्थान पर कट्टरपंथी दल बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी है जिसके 47.07 प्रतिशत सांसद मौजूदा कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। रिपोर्ट बताती है कि कुल मिलाकर 142 सांसदों पर वर्तमान में मामले लंबित हैं जबकि 185 सांसद अतीत में भी कानूनी कार्रवाई झेल चुके हैं।

करोड़पतियों का क्लब बनी संसद

अपराध के साथ-साथ इस बार संसद में अमीरों का भी दबदबा बढ़ा है। शुजन के मुख्य समन्वयक दिलीप कुमार सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 297 निर्वाचित सांसदों में से 271 सांसद 'करोड़पति' की श्रेणी में आते हैं (एक करोड़ टका से अधिक संपत्ति)। इनमें से 187 सांसदों की संपत्ति तो पांच करोड़ टका से भी ज्यादा है। बीएनपी के 209 सांसदों में से 201 करोड़पति हैं वहीं जमात के 68 में से 52 सांसद इसी श्रेणी में आते हैं। यह आंकड़ा संकेत देता है कि राजनीति में कम संपन्न वर्ग की भागीदारी लगातार घटती जा रही है और केवल साधन संपन्न उम्मीदवारों के जीतने की संभावना अधिक रही है।

शिक्षा और पेशे का हाल

शिक्षा के मामले में संसद की तस्वीर मिली-जुली है। कुल 297 विजेताओं में से केवल आठ सांसदों के पास पीएचडी की डिग्री है जबकि 17 सांसदों ने केवल माध्यमिक (SSC) तक की शिक्षा प्राप्त की है। पेशे की बात करें तो संसद में व्यवसायियों का पूर्ण वर्चस्व है। करीब 61.28 प्रतिशत सांसद व्यवसाय से जुड़े हैं जबकि वकीलों की संख्या केवल 36 है।

राजनीति को अपना मुख्य पेशा बताने वाले केवल आठ सांसद ही चुनकर आए हैं। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 12 फरवरी को हुए चुनाव और जनमत संग्रह अधिकांशतः शांतिपूर्ण रहे लेकिन दागी और धनवान उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या बांग्लादेशी लोकतंत्र के भविष्य के लिए एक नई चुनौती पेश कर रही है।

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