बांग्लादेश में महिलाओं की भागीदारी कम। इमेज-एआई 
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बांग्लादेश चुनाव आते ही आपसी समझौते भूले राजनीतिक दल, बड़ी पार्टियों ने भी नहीं दी भागीदारी

Women Voter in Bangladesh: बांग्लादेश में आम चुनाव में बहुत कम वक्त है। एक रिपोर्ट में चुनाव में महिलाओं की भागीदारी को लेकर हैरान करने वाले आंकड़े आए हैं। दावा है कि 109 ही महिला उम्मीदवार हैं।

रंजन कुमार

Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश के आम चुनाव से पहले महिला भागीदारी पर एक रिपोर्ट आई है। इसने देश की राजनीति का अहम और चिंताजनक पहलू सामने रखा है। रिपोर्ट बताती है कि बांग्लादेश की राजनीति गहराई से पुरुष प्रधान है। पितृसत्तात्मक सामाजिक ढांचा महिलाओं को सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से दूर रखता है। उसका सीधा असर है कि राजनीतिक दलों के हर स्तर पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व बेहद कम है।

यह बात स्थानीय प्रमुख दैनिक अखबार प्रथम आलो में प्रकाशित एक लेख में सामने आई है। लेख को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के ह्यूमन डेवलपमेंट रिपोर्ट ऑफिस (HDRO) के पूर्व निदेशक सलीम जहान ने लिखा है। उन्होंने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देकर बताया कि 12 फरवरी को होने वाले चुनाव के लिए 2,568 नामांकन पत्र दाखिल हुए, लेकिन इनमें से 109 ही उम्मीदवार महिलाएं हैं। मतलब कुल उम्मीदवारों में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 4.2 फीसदी है।

सिर्फ 109 महिला उम्मीदवार

रिपोर्ट बताती है कि 109 महिला उम्मीदवारों में से 72 को राजनीतिक दल का समर्थन है। 37 महिलाएं निर्दलीय उम्मीदवार हैं। मतलब हर तीन में से एक महिला उम्मीदवार को किसी पार्टी का समर्थन नहीं मिला है। इससे साफ होता है कि पार्टियां अब भी महिलाओं को टिकट देने में पीछे हैं। आंकड़े यह भी बताते हैं कि इस चुनाव में बांग्लादेश की 50 राजनीतिक पार्टियां हिस्सा ले रहीं। इनमें से 30 पार्टियों ने एक भी महिला उम्मीदवार नहीं उतारा है। मतलब देश की तीन-पांचवीं राजनीतिक पार्टियों ने किसी महिला को टिकट नहीं दी। बांग्लादेश की कुल आबादी का आधे से ज्यादा हिस्सा महिलाएं हैं। रिपोर्ट ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

किन दो पार्टियों ने सबसे अधिक महिलाओं को दिया टिकट?

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और मार्क्सवादी बांग्लादेश सोशलिस्ट पार्टी (बीएसपी) महिलाओं को टिकट देने में सबसे ऊपर हैं। दोनों पार्टियों ने भी 10-10 महिलाओं की उम्मीदवार बनाया है। रिपोर्ट में खासकर बीएनपी को लेकर निराशा जताई गई है। इसमें कहा गया है कि जमीनी स्तर पर मजबूत मानी जाने वाली बीएनपी ने कुल 328 उम्मीदवारों में से सिर्फ 10 महिलाओं को टिकट दिया, जो तीन फीसदी है।

इस्लामी पार्टी के 279 उम्मीदवारों में से कोई महिला नहीं

कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने 279 उम्मीदवारों में से एक भी महिला को टिकट नहीं दिया है। यह तथ्य रिपोर्ट में खासकर दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में याद दिलाया गया है कि राजनीतिक दलों के बीच पहले यह सहमति बनी थी कि चुनावों में कम-से-कम 5 फीसदी उम्मीदवार महिलाएं होंगी। मगर, अधिकतर पार्टियां इस समझौते को निभाने में नाकाम रही हैं। मतलब जो वादा किया गया था, वह कागजों से आगे नहीं बढ़ा। रिपोर्ट कहती है कि बांग्लादेश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बेहद सीमित है। बहुत कम महिलाएं सक्रिय राजनीति में हैं। इसका असर है कि चुनावों में महिला उम्मीदवारों की संख्या कम रहती है।

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