Andy Burnham Become New PM of Britain: ब्रिटेन की लेबर पार्टी ने एंडी बर्नहैम को अपना नया नेता चुना है। पार्टी ने इस बात की घोषणा शुक्रवार को लंदन में आयोजित एक विशेष सम्मेलन में की। ब्रिटेन के वर्तमान प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पिछले महीने इस्तीफा अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद लेबर पार्टी ने उनकी जगह बर्नहैम को चुना है। वो ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बनेंगे। स्टार्मर इस्तीफे के बाद किंग चार्ल्स III उन्हें नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं। लेबर पार्टी की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी (NEC) की अध्यक्ष शबाना महमूद ने बताया कि पार्टी नेतृत्व के चुनाव में केवल एंडी बर्नहैम ही योग्य उम्मीदवार थे। उन्हें 379 सांसदों का समर्थन मिला, जिसके बाद उन्हें बिना किसी मुकाबले के पार्टी का नया नेता घोषित कर दिया गया। बताया जा रहा है एंडी 20 जुलाई को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
एंडी बर्नहैम ने घोषणा के बाद अपने संबोधन में पार्टी और देश के लिए अपनी प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने कहा कि उनकी पहली कोशिश लेबर पार्टी को एकजुट करना होगी। उनका मानना है कि अगर पार्टी के नेता और कार्यकर्ता आपस में ही लड़ते रहेंगे, तो वे देश की नई दक्षिणपंथी राजनीति का मुकाबला नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा मकसद पार्टी के अंदर की खींचतान और गुटबाजी खत्म करना होगा। बर्नहैम ने राजनीति का तरीका बदलने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि लोग नेताओं की आपसी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप से परेशान हैं। जब लोगों की जिंदगी महंगी होती जा रही है और जीवन स्तर गिर रहा है, तब नेताओं को एक-दूसरे पर निशाना साधने के बजाय लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में भरोसा तभी लौटेगा जब नेता ईमानदारी से जनता की बात सुनेंगे और उनके लिए काम करेंगे।
उन्होंने अपनी तीसरी प्राथमिकता के रूप में लेबर पार्टी की अलग पहचान मजबूत करने की बात कही। बर्नहैम ने कहा कि उनकी पार्टी दूसरी पार्टियों की नकल नहीं करेगी, बल्कि अपने मूल सिद्धांतों और विचारों के साथ आगे बढ़ेगी। उनका कहना था कि लेबर पार्टी आत्मविश्वास के साथ अपनी नीतियों पर काम करेगी।
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बर्नहैम ने यह भी वादा किया कि वह पूरे यूनाइटेड किंगडम के नेता बनेंगे। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के साथ-साथ स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड के लोगों को बराबर महत्व दिया जाएगा। अपने भाषण के अंत में उन्होंने सत्ता के अधिक विकेंद्रीकरण का वादा किया। उनका कहना था कि सरकार की ज्यादा ताकत केवल लंदन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि स्थानीय क्षेत्रों को भी अधिक अधिकार मिलने चाहिए ताकि वे अपने फैसले खुद ले सकें।