

Keir Starmer Resignation News In Hindi: ब्रिटेन की राजनीति में इस समय जबरदस्त उथल-पुथल मची हुई है। 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के नेतृत्व पर अब उनकी अपनी ही पार्टी के भीतर गहरे सवाल उठने लगे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्टार्मर पर पद छोड़ने का दबाव अब चरम पर पहुंच गया है। उनकी पार्टी के 100 से ज्यादा सांसदों ने सार्वजनिक रूप से उनके नेतृत्व के प्रति अविश्वास जाहिर करते हुए उनसे इस्तीफे या पद छोड़ने की तारीख तय करने की मांग की है।
ब्रिटिश अखबार 'द ऑब्जर्वर' की एक रिपोर्ट ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है, जिसमें दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री स्टार्मर सोमवार को अपने इस्तीफे या पद छोड़ने की एक निश्चित तारीख की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, डाउनिंग स्ट्रीट के सूत्रों ने इन खबरों को फिलहाल खारिज किया है और कहा है कि स्टार्मर अभी भी प्रधानमंत्री के रूप में देश को चलाने पर पूरी तरह केंद्रित हैं। इसके बावजूद, यह स्पष्ट है कि उनके सरकारी आवास 'चेकर्स' में अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर गहन मंथन चल रहा है, जहां वे अपनी पत्नी के साथ वर्तमान स्थितियों पर चर्चा कर रहे हैं।
स्टार्मर के लिए मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब शुक्रवार को उनके प्रबल प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहैम ने संसद की एक सीट पर जीत हासिल की। इस जीत ने 56 वर्षीय बर्नहैम को पार्टी के भीतर स्टार्मर के खिलाफ औपचारिक चुनौती पेश करने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान कर दिया है। बर्नहैम के समर्थकों का मानना है कि वे देश को एक नई दिशा देने में सक्षम हैं और वे चाहते हैं कि स्टार्मर स्वेच्छा से रास्ता साफ करें। बर्नहैम के अलावा, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग भी नेतृत्व की इस संभावित रेस में शामिल हो सकते हैं।
महज कुछ ही महीनों पहले शानदार जीत दर्ज करने वाले स्टार्मर की लोकप्रियता इतनी जल्दी गिरने के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं। आलोचकों का मानना है कि वे अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के अपने बड़े वादों को पूरा करने में विफल रहे हैं। इसके अलावा, हाल के महीनों में हुए कई विवादों, कथित घोटालों और सरकार की नीतियों में बार-बार किए गए बदलावों ने उनकी छवि को काफी नुकसान पहुंचाया है।
भारी विरोध के बीच स्टार्मर ने फिलहाल हार नहीं मानने का संकेत दिया है। पिछले शुक्रवार को उन्होंने स्पष्ट किया था कि वे नेतृत्व के खिलाफ किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने पार्टी के नेताओं से अपील की है कि वे आपसी कलह को छोड़कर एकजुट रहें ताकि पार्टी को नुकसान न हो।
हालांकि, सोमवार का दिन ब्रिटिश राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। यदि 100 से अधिक सांसदों का दबाव बना रहता है, तो उनके पास पद छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।