डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

मैं रेपिस्ट नहीं हूं...कल डिनर पार्टी में हुआ हमला, आज ट्रंप पर लगे गंभीर आरोप, लाइव TV पर देनी पड़ी सफाई

WHCD Shooting 2026: व्हाइट हाउस डिनर फायरिंग के बाद Donald Trump ने मैनिफेस्टो के आरोपों को खारिज कर दिया है। 60 Minutes इंटरव्यू में उन्होंने खुद को बेकसूर बताते हुए एंकर पर तीखा पलटवार किया।

अक्षय साहू

Trump Response Shooter Manifesto: व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में हुई फायरिंग की घटना के बाद अमेरिका में सियासी और सुरक्षा बहस तेज हो गई है। इस पूरे मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है और हमलावर के कथित मैनिफेस्टो में लगाए गए गंभीर आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब CBS News के चर्चित कार्यक्रम 60 Minutes में एंकर नोरा ओ’डॉनेल ने इंटरव्यू के दौरान आरोपी के मैनिफेस्टो का हिस्सा पढ़कर सुनाया। इस मैनिफेस्टो को कथित तौर पर संदिग्ध हमलावर कोल टॉमस एलेन ने लिखा बताया जा रहा है, जिसमें ट्रंप पर बेहद गंभीर व्यक्तिगत आरोप लगाए गए थे।

‘मैं रेपिस्ट नहीं हूं’: डोनाल्ड ट्रंप

मैनिफेस्टो के अंश में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। जैसे ही यह अंश पढ़ा गया, ट्रंप ने तुरंत कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं रेपिस्ट नहीं हूं। मैंने किसी का रेप नहीं किया।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ऐसी बातों से जोड़ना पूरी तरह गलत है और यह एक “बीमार मानसिकता” वाले व्यक्ति की सोच है।

इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने एंकर से कहा कि ऐसे आरोपों को राष्ट्रीय मंच पर पढ़ना गैर-जिम्मेदाराना है। ट्रंप ने नाराजगी जताते हुए कहा, “आपको यह पढ़कर शर्म आनी चाहिए,” और यह भी जोड़ा कि इस तरह की सामग्री को बढ़ावा देना गलत है।

लाइव टीवी पर एंकर से तीखी बहस

जब एंकर ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि मैनिफेस्टो में उनका जिक्र था, तो ट्रंप ने इस सवाल को नजरअंदाज करते हुए अपनी सफाई दोहराई। उन्होंने कहा कि उनका ऐसे किसी भी आरोप से कोई लेना-देना नहीं है और वह पहले ही इस तरह के मामलों में पूरी तरह से बरी हो चुके हैं।

इस घटना ने अमेरिका में मीडिया की जिम्मेदारी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक माहौल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जहां कुछ लोग प्रेस की स्वतंत्रता का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कई लोग इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या बिना पुष्टि वाले आरोपों को इस तरह सार्वजनिक करना उचित है। हालांकि फायरिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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