ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

America ने एआई और ईरान के ही ड्रोन का इस्तेमाल कर ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में किया ईरान पर बड़ा हमला

AI Military Operations: America ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में एआई तकनीक और उन्हीं के ड्रोन का इस्तेमाल किया है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बाद युद्धविराम है लेकिन अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है।

प्रिया सिंह

US Military AI Integration : अमेरिका ने हाल ही में ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाइयों में बड़ी मात्रा में उन्नत तकनीकों का उपयोग किया है। इन आधुनिक तकनीकों में अमेरिकी सेना में AI का एकीकरण का प्रयोग आज के समय में युद्ध लड़ने के तरीके को पूरी तरह बदल रहा है। इस अहम युद्ध में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी AI रणनीतियाँ का इस्तेमाल फैसले लेने की प्रक्रिया को काफी तेज कर रहा है। ईरान पर पलटवार करने के लिए ईरानी ड्रोन संशोधन रणनीति को अपनाकर America ने एक बहुत बड़ी रणनीतिक बढ़त हासिल की है।

एआई से तेज फैसले

अमेरिकी सेना के कमांडर एडमिरल ब्रैडली कूपर ने युद्ध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बड़ी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने जानकारी दी कि इन आधुनिक एआई टूल्स का उपयोग युद्ध की विशाल जानकारी को प्रोसेस करने में किया जा रहा है। पेंटागन की अहम ब्रीफिंग में बताया गया कि विशेष टीमें हर दिन एआई की मदद से बहुत तेजी से महत्वपूर्ण फैसले ले रही हैं।

इंसानों का पूरा नियंत्रण

युद्ध के मैदान में उन्नत एआई तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद पूरी प्रक्रिया पर इंसानों का सख्त नियंत्रण बना हुआ है। कूपर ने स्पष्ट किया कि हर एक बड़े फैसले में इंसान हमेशा शामिल रहते हैं और मशीनों पर उनकी पूरी तरह निर्भरता नहीं है। यह बयान रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और जनरल डैन केन के साथ मिलकर मौजूदा सैन्य स्थिति की व्यापक जानकारी देते हुए दिया गया।

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी

America की यह उन्नत तकनीकी रणनीति हाल ही में हुए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नामक सैन्य कार्रवाई का मुख्य हिस्सा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक इस तेज और आक्रामक सैन्य अभियान के बाद फिलहाल लड़ाई पर एक अस्थायी रोक लगाई गई है। एआई के अलावा सेना ने कई खुफिया साइबर ऑपरेशन और अंतरिक्ष-आधारित अत्याधुनिक सिस्टम का भी जमकर इस्तेमाल किया है।

ईरान के ड्रोन का उपयोग

इस सैन्य अभियान की सबसे खास बात ईरान में बने मूल ड्रोन का उन्हीं के खिलाफ किया गया बहुत ही सटीक इस्तेमाल था। कूपर ने बताया कि सेना इन ड्रोन्स को America लाई और उनके सभी अंदरूनी हिस्सों को विशेषज्ञों द्वारा पूरी तरह बदल दिया गया। इन बदले हुए ड्रोन्स पर 'मेड इन अमेरिका' का नया निशान लगाकर इन्हें वापस ईरान के खिलाफ सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया गया है।

रणनीतिक बढ़त और सतर्कता

अधिकारियों का साफ मानना है कि इन नई तकनीकों को मिलाकर इस्तेमाल करना America की एक बहुत बड़ी और प्रभावी सैन्य रणनीति है। हालांकि अभी बड़े स्तर की लड़ाई रुकी हुई है लेकिन अमेरिकी सेना युद्ध के इस खतरनाक मैदान में पूरी तरह से सतर्क खड़ी है। इस मौजूदा सीजफायर के दौरान अमेरिकी सैनिक फिर से नए हथियार तैयार कर रहे हैं और अपनी युद्ध रणनीति लगातार सुधार रहे हैं।

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