Taliban Attack Pakistan Military Post: पाकिस्तान द्वारा आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाने के नाम पर अफगानिस्तान में की गई एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इस हमले में कई अफगान नागरिकों की मौत होने का दावा किया गया। इसके जवाब में तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। पिछले लगभग 48 घंटों से दोनों देशों की सीमाओं पर छिटपुट झड़पें जारी थीं।
अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा आम नागरिकों पर किए गए हमलों के प्रतिशोध में अफगान सेना ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों और केंद्रों को निशाना बनाया है। उन्होंने बताया कि अफगान बल मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सहित भारी हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रात करीब साढ़े 9 बजे से नंगरहार-खैबर और कुनार-बाजौर सीमाओं पर भीषण संघर्ष जारी है। अफगान सेना टैंक, आर्टिलरी, रॉकेट और मोर्टार का उपयोग कर रही है। तालिबान सरकार ने दावा किया है कि पाकिस्तान की 15 चौकियों पर अफगान बलों ने कब्जा कर लिया है। साथ ही कुनार सीमा पर 55 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का भी दावा किया गया है, जिनमें से 13 के शव अफगान सैनिक अपने साथ ले गए।
बताया जा रहा है कि नंगरहार सीमा के पास दो चौकियों, गोश्ता सीमा के पास तीन चौकियों और कुनार सीमा पर दो चौकियों पर अब तालिबान के लड़ाके तैनात हैं। अफगानिस्तान की ओर से “ऑपरेशन 201 खालिद बिन वालिद ब्रिगेड” और “205 अल बद्र ब्रिगेड” के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले 22 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत के खोग्यानी और गनी खेल जिलों तथा पक्तिका प्रांत के बेरमल और अर्गुन जिलों में ठिकानों को निशाना बनाया था। इन हमलों में एक ही परिवार के 16 नागरिकों की मौत का दावा किया गया। तालिबान ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए उचित समय पर सख्त जवाब देने की चेतावनी दी थी।
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अफगानिस्तान में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक पर भारत ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि रमजान के पवित्र महीने में अफगान धरती पर किए गए इन हवाई हमलों की भारत निंदा करता है, जिनमें महिलाओं और बच्चों समेत आम नागरिकों की जान गई। उन्होंने इसे पाकिस्तान द्वारा अपनी आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया और अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया।