(सौजन्य सोशल मीडिया) 
विदेश

हज यात्रा में 1000 यात्रियों की मौत, साथ ले गए कफन में होंगे दफन या घर वापस आएगा शव? जानें क्या कहता है नियम

इस्लाम धर्म में हज का काफी ज्यादा महत्व है। इसे 5 फर्जों में एक फर्ज कहा जाता है। हर मुस्लिम व्यक्ति अपने पूरे जीवन में एक बार हज यात्रा करना चाहता है। लेकिन अगर इस यात्रा के दौरान मौत हो जाए तो फिर उसके शव के साथ क्या होता है।

शानू शर्मा

नवभारत डेस्क: सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 1 लाख 75 हजार तीर्थयात्री हज करने के लिए मक्का पहुंचे थें। जिसमें से 1000 लोगों की अलग-अलग प्राकृतिक कारणों से मौत हो गई। मारे गए लोगों में 100 लोग भारत से भी है। इन लोगों की मौत तपती गर्मी या बुढ़ापे की बीमारियों की वजह से हुई है। अब सवाल यह उठता है कि इन हजार हाजियों के शव को क्या उनके देश में वापस भेजा जाएगा?

बता दें कि लगभग सभी देश में विदेश से आए लोगों की मौत होने पर उनके शव को वापस उनके घर भेजा जाता है। लेकिन हज यात्रा का नियम काफी अलग है। इस्लाम धर्म में हज का काफी ज्यादा महत्व है। इसे 5 फर्जों में एक फर्ज कहा जाता है। हर मुस्लिम व्यक्ति अपने पूरे जीवन में एक बार हज यात्रा करना चाहता है। वहीं सरकार भी तीर्थयात्रियों को यह यात्रा पूरा करवाने की पूरी कोशिश करती है। जिसके लिए हर साल सरकार एक निर्धारित संख्या के लोगों को हज यात्रा पर जाने की परमिशन देती है।

अपने कफन में होते हैं दफन

सरकार की ओर से जाने आने और ठहरने का सारा प्रबंध किया जाता है। लेकिन उससे पहले सऊदी अरब द्वारा एक गाइडलाइन जारी की जाती है। जिसके मुताबिक हज यात्रियों को इस बात को मानना पड़ता है कि अगर इस यात्रा के दौरान उनकी मौत हो जाए तो उनके शव को वहीं दफना दिया जाएगा। हालांकि सभी मुस्लिम मक्का में मौत को काफी पाक मानते हैं। यानी की ऐसी मौत उनके लिए सौभाग्य की बात होती है। इसलिए मक्का जाने वाले सभी यात्री अपने साथ कफन लेकर जाते हैं। अगर इस यात्रा के दौरान उनकी मौत हो जाती है तो उनके शव को वहीं दफना दिया जाता है।

मृत्यु प्रमाण पत्र आता है घर 

उससे पहले उनके हाथ में बंधी पट्टी से उनकी पहचान की जाती है। या फिर अगर उनके परिवार वाले साथ है तो उनसे सारी जानकारी ली जाती है। उसके बाद उनके शव को वहां के किसी अस्पताल में भेजा जाता है। जहां उसका पोस्टमार्टम किया जाता है। जिसके बाद मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया जाता है। इसके बाद यात्रा खत्म होने के बाद उनके मृत्यु प्रमाण पत्र को उनके देश भेजवा दिया जाता है। इसके लिए मक्का तीर्थयात्रा प्रबंधन हज यात्रियों से पहले ही सहमति ले लेता है।

सिलीगुड़ी में अमित शाह का आज बड़ा कार्यक्रम, SSB परियोजनाओं की रखेंगे आधारशिला, जवानों से करेंगे बातचीत

आज की ताजा खबर 21 अगस्त LIVE: YSRCP सांसद अविनाश रेड्डी के घर ED की रेड; अमित शाह का आज सिलीगुड़ी दौरा

Explainer: भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में रार, शेख हसीना नहीं इन मुद्दों पर भी तकरार, किसे-कितना होगा नुक्सान?

पीएम मोदी का राम अवतार! दिल्ली में आरती और मोदी चालिसा का पाठ, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल

We are Gen Z - कहकर सेना से भिड़ने वाली पर्यटक ने मांगी माफी, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था चेकपोस्ट का वीडियो