सुवेंदु अधिकारी (IANS फाइल फोटो) 
पश्चिम बंगाल

दिल्ली में सुवेंदु अधिकारी से मिलेंगे TMC के 19 बागी सांसद, आज ही तय होगा अगला कदम, बंगाल में मची सियासी हलचल!

Suvendu Adhikari Meets TMC Rebels: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी आज टीएमसी के बागी नेताओं से दिल्ली में मुलाकात करेंगे। इस बैठक को लेकर बंगाल में सियासी हलचल मची हुई है।

प्रिया जैस

Suvendu Adhikari TMC Rebel MPs Delhi Meeting: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट और सुवेंदु अधिकारी के बीच आज, रविवार (14 जून) को देश की राजधानी दिल्ली में एक अहम बैठक होने वाली है। राजनीतिक हलकों में इस बैठक को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि अगले ही दिन, यानी सोमवार को स्पीकर के साथ भी बैठक तय है।

सुवेंदु अधिकारी इस बैठक में शामिल होने के लिए आज दिल्ली पहुंचेंगे। माना जा रहा है कि स्पीकर से मिलने से पहले, बागी गुट अपनी रणनीति पर विस्तार से चर्चा करेगा और भविष्य की राजनीतिक कार्रवाई तय करेगा।

लोकसभा स्पीकर से करेंगे मुलाकात

राजनीतिक जानकारों का मानना ​​है कि लोकसभा स्पीकर के साथ होने वाली बैठक से पहले यह बैठक निर्णायक साबित हो सकती है। सबकी नजरें बागी सांसदों पर टिकी हैं कि बैठक के बाद उनका अगला कदम क्या होगा और उनकी रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी। इस लिस्ट में संदीप बंदोपाध्याय भी शामिल हो सकते है।

बागी दल में शामिल टीएमसी नेता

तृणमूल कांग्रेस के 19 बागी नेताओं में काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, बापी हलदर, डॉ शर्मिला सरकार, प्रसून बंद्योपाध्याय, जगदीश बर्मा बसुनिया, असित कुमार मल, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, सायोनी घोष, खलीलुर्रहमान, अबू ताहिर खान, यूसुफ पठान, मिताली बैग, माला रॉय, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी, जून मालिया, पार्थ भौमिक का नाम शामिल है।

BJP की कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति

इन घटनाक्रमों को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों के बीच काफी अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोगों का मानना ​​है कि इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति हो सकती है। पश्चिम बंगाल में अपनी स्थिति मजबूत करने के बाद, BJP अब राष्ट्रीय स्तर पर भी तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव को कम करने की कोशिश कर सकती है। इस संदर्भ में, बागी सांसदों के साथ बातचीत और तालमेल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

टीएमसी में बढ़ता असंतोष

इस बीच, TMC के भीतर बढ़ते असंतोष और आंतरिक चुनौतियों को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है। पार्टी पहले से ही कई राजनीतिक बाधाओं से जूझ रही है और बागी नेताओं की गतिविधियों ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

विपक्षी दल और राजनीतिक जानकार इन घटनाक्रमों को पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति, दोनों के लिए अहम मान रहे हैं। अब सभी की नजर आज होने वाली बैठक और सोमवार को लोकसभा स्पीकर के साथ होने वाली बैठक पर टिकी हुई है।

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