सुवेंदु अधिकारी PA हत्याकांड (Image- Social Media) 
पश्चिम बंगाल

सीएम सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या में बड़ा खुलासा, शूटर्स कर बैठे ये बड़ी गलती, पुलिस का काम आसान

Chandranath Rath Case Update: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में पुलिस को टोल प्लाजा पर हुए एक डिजिटल पेमेंट से बड़ा सुराग मिला है।

प्रतीक पाण्डेय

Suvendu Adhikari PA Murder Case: पश्चिम बंगाल की सियासत में भूचाल लाने वाली मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या की गुत्थी अब सुलझती नजर आ रही है। चार दिन पहले जिस पेशेवर अंदाज में इस वारदात को अंजाम दिया गया था, उसने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। जांच एजेंसियों को अब एक ऐसा सुराग मिला है जिसने शूटर्स की पूरी प्लानिंग को मिट्टी में मिला दिया है।

घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली थे, लेकिन अब एक सीसीटीवी फुटेज और टोल प्लाजा के रिकॉर्ड ने पूरी जांच को एक नई दिशा दे दी है। बताया जा रहा है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या करने के बाद हमलावर एक सिल्वर रंग की कार में सवार होकर फरार हुए थे। भागते समय रास्ते में कोलकाता के पास बल्ली टोल प्लाजा पर उन अपराधियों ने एक ऐसी गलती कर दी जिसने पुलिस के लिए रास्ता साफ कर दिया।

टोल प्लाजा पर हुई एक चूक ने खोल दी पूरी पोल

इन पेशेवर हमलावरों ने वहां नकद पैसे देने के बजाय यूपीआई के जरिए डिजिटल पेमेंट किया और टोल पार करके निकल गए। पुलिस को अब उस मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट की पुख्ता जानकारी मिल गई है जिससे यह भुगतान किया गया था। इस एक छोटे से सुराग ने हत्यारों के भागने के रास्ते और उनकी असली पहचान को लगभग साफ कर दिया है।

आठ लोगों की टीम, शूटर्स का यूपी बिहार कनेक्शन

इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का मानना है कि यह कोई मामूली वारदात नहीं थी। जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि इस पूरी साजिश में कम से कम आठ लोग शामिल थे। इसमें बाहर से बुलाए गए पेशेवर शूटर्स के साथ-साथ कुछ स्थानीय मददगार भी थे जिन्होंने लॉजिस्टिकल सपोर्ट मुहैया कराया था।

पुलिस को यह पुख्ता शक है कि वारदात को अंजाम देने वाले अपराधी उत्तर प्रदेश या बिहार से बुलाए गए थे। इसी वजह से बंगाल पुलिस की दो अलग-अलग टीमें तुरंत उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए रवाना हो चुकी हैं ताकि वहां संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा सके। अब तक पुलिस ने संदेह के आधार पर तीन लोगों को हिरासत में लिया है जिनसे कड़ी पूछताछ जारी है ताकि इस साजिश के मुख्य किरदारों तक पहुँचा जा सके।

जल्द ही कानून के शिकंजे में होंगे असल गुनहगार

बंगाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का दावा है कि वे अब अपराधियों के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। टोल प्लाजा से मिली सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों के चेहरे काफी हद तक नजर आ रहे हैं और उनके आने-जाने का सटीक वक्त भी रिकॉर्ड हो चुका है। डिजिटल पेमेंट के जरिए मिले मोबाइल नंबर को तकनीकी रूप से खंगाला जा रहा है जिससे यह पता चलेगा कि ये लोग किन-किन लोगों के संपर्क में थे।

इस हत्याकांड ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन अब बड़ा सुराग मिलने के बाद यह उम्मीद बढ़ गई है कि अगले कुछ ही दिनों में असल हत्यारे सलाखों के पीछे होंगे। पुलिस अब कड़ियां जोड़ रही है कि इस पूरी साजिश का असली मास्टरमाइंड कौन है और इसके पीछे मुख्य मकसद क्या रहा होगा।

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