Firhad Hakim Resigns TMC: पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच तृणमूल कांग्रेस में संकट गहराता नजर आ रहा है। TMC प्रमुख ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया है। इस्तीफा किस वजह से दिया है अभी इसको लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब टीएमसी अपने राजनीतिक इतिहास के सबसे बड़े आंतरिक संकटों में से एक का सामना कर रही है। पार्टी के भीतर बड़ी संख्या में विधायक खुलकर निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के समर्थन में आ गए हैं।
फिरहाद हकीम को ममता बनर्जी के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक माना जाता है। वे पार्टी के सबसे चर्चित चेहरों में भी शुमार है। हाल के दिनों में वे राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहे हैं। इसकी बड़ी वजह उनका मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा नबन्ना में आयोजित प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल होना रहा। इसने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलों को जन्म दिया।
इस बीच टीएमसी के भीतर बगावत भी खुलकर सामने आ गई है। ताजा जानकारी के अनुसार, पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने बुधवार को औपचारिक रूप से ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा दल के नए नेता के रूप में समर्थन देने का फैसला किया है।
TMC से निकाले गए नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, हमने अभी-अभी चिट्ठी सौंपी है। नेता प्रतिपक्ष के लिए तय कमरा आधिकारिक तौर पर अलॉट कर दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष अभी वहीं बैठे हैं। हमारी इच्छा है कि ममता बनर्जी हमारी सलाहकार बनी रहें और हमें अपनी सलाह देती रहें, ताकि हम, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य सचेतक के साथ मिलकर, विधानसभा के अंदर पार्टी को प्रभावी ढंग से चला सकें।
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फिरहाद हकीम के इस्तीफे की खबर और टीएमसी विधायकों के इस कदम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह संकट ज्यादा गहराता है तो राज्य की सियासत में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सभी की नजरें ममता बनर्जी और टीएमसी नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।