चंद्रिमा भट्टाचार्य ने TMC से इस्तीफा दिया (सोर्स- सोशल मीडिया) 
पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका, बंगाल TMC चीफ चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दिया इस्तीफा

TMC Political Crisis: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। वरिष्ठ टीएमसी नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिससे पार्टी में संकट गहरा गया है।

अक्षय साहू

Chandrima Bhattacharya Resigns From TMC: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक और झटका लगा है। बंगाल टीएमसी के अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। चंद्रिमा ने अपने इस्तीफे की वजह नहीं बताई है, उन्होंने पार्टी से जुड़ी संस्थाओं के अलग-अलग बैंक खातों के लिए सिग्नेटरी (हस्ताक्षरकर्ता) की जिम्मेदारी के खुद को मुक्त करने का अनुरोध किया है।

विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस में इस्तीफे का दौर जारी है। चुनाव के बाद से अब तक कई बड़े नेता पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। यहां तक कि चुनाव में जीते 80 से करीब 60 विधायकों ने बगावत करते हुए ममता बनर्जी के खिलाफ जाकर विधानसभा स्पीकर के सामने खुद अलसी टीएमसी साबित भी कर दिया है।

चंद्रिमा भट्टाचार्य का जाना ममता के लिए झटका

चंद्रिमा भट्टाचार्य का नाम पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में लिया जाता है। उन्हें ममता का करीबी माना जाता था। ऐसे में उनका टीएमसी से इस्तीफा देने ममता बनर्जी गुट के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। 

भट्टाचार्य के इस्तीफे पर ममता बनर्जी गुट के नेता कुणाल घोष मीडिया से बात करते हुए केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। घोष ने आरोप लगाया कि ममता के पक्ष में खड़े नेताओं पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने चंद्रिमा भट्टाचार्य पर हमला बोलते हुए कहा कि, कोई कुछ निर्णय ले सकता है। ममता बनर्जी जब मुख्यमंत्री थी तब सबसे बड़ी सूची जिसकी मंत्रालय की थी तब कोई अभिमान नहीं था। अब अभिमान दिख रहा है।

चंद्रिमा की इस्तीफा तय था: संदीपन साहा

वहीं, टीएमसी के बागी नेता संदीपन साहा ने चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि, मैं उनके इस कदम का स्वागत करता हूं। यह होना ही था। 22 जून को हमारी एक बैठक हुई थी, जिसमें हमने राष्ट्रीय कार्य समिति के चेयरपर्सन और कमेटी के दूसरे सदस्यों के नामों का ऐलान किया था। वे सभी उसमें शामिल हैं। लेकिन दूसरी तरफ, जिन लोगों को किसी पद पर नियुक्त किया जा रहा है, वे लगातार इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि कालीघाट तृणमूल में काम करने का माहौल ही नहीं है।

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