

TMC Mamata Banerjee vs Ritabrata Banerjee: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी कलह ने आक्रामक मोड़ ले लिया है। पार्टी पर कब्जे को लेकर ममता बनर्जी का गुट और बागी नेताओं के गुट के बीच जमकर हल्ला हो रहा है। शुक्रवार को कोलकाता के मेट्रोपालिटन स्थित तृणमूल कांग्रेस के हेडक्वार्टर पर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाली बागी टीएमसी गुट ने अपना कब्जा जमा लिया।
बागी नेताओं के कार्यालय में कब्जा करने के दौरान फिरहाद हकीम, जावेद खान, संदीपन साहा और अखरुजम्मां जैसे विधायकों के पूरे काफिले ने मुख्य कार्यालय में अपनी धाक जमाकर ममता बनर्जी को हिलाकर रख दिया। इस कब्जे से ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है।
पहले तो वो ममता बनर्जी को सलाहकार के तौर पर लेने की बात कह रहे थे, लेकिन अब वे ममता-अभिषेक के बिना ही पार्टी में अपना प्रभुत्व स्थापित करने के लिए आगे बढ़ रहे है। उन्होंने कार्यालय के बाहर गेट पर एक बड़ा पोस्टर लगा दिया है, जिसमें अरुप राय को चेयरमैन घोषित किया गया है।
कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ऑफिस के सामने पुलिस के साथ भारी संख्या में CRPF बल तैनात किया गया है। यह तैनाती इस खबर के बाद की गई है कि विपक्ष के नेता (LoP) रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC के बागी गुट ने ऑफिस पर कब्जा कर लिया है।
LoP ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC के बागी गुट द्वारा कोलकाता में पार्टी के राज्य कार्यालय पर कब्जा करने की खबरों पर, TMC नेता और वकील बैश्वानर चट्टोपाध्याय ने कहा, पार्टी से निकाले गए सदस्य जबरदस्ती तृणमूल कांग्रेस पार्टी कार्यालय में घुस गए। वे वहां गैर-कानूनी गतिविधियां करना चाहते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। हमारा पार्टी कार्यालय तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करता है।
बैश्वानर चट्टोपाध्याय ने कहा, इस पर ममता बनर्जी का चुनाव चिह्न और चेहरा है। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की पहचान ममता बनर्जी के चेहरे से होती है। हम पार्टी से निकाले गए सदस्यों का जबरदस्ती परिसर में घुसना बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। हम BJP की तानाशाही को स्वीकार नहीं करेंगे। कोलकाता में बागी नेताओं द्वारा पार्टी कार्यालय पर कब्जा करने के बाद TMC विधायक मदन मित्रा ने बताया कि पार्टी ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
इस पूरे मामले पर TMC नेता मदन मित्रा ने बताया, "तृणमूल कांग्रेस के एक खास गुट की सुरक्षा के लिए 15 मिनट के भीतर केंद्रीय बल पहुंच गए। इससे साबित होता है कि ये लोग BJP की 'B-टीम' के तौर पर काम कर रहे हैं और BJP के इशारे पर चल रहे हैं। हमने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है। बंगाल में हमारे कम से कम 1 लाख पार्टी कार्यालय अभी बंद पड़े हैं और हमारे पार्टी सदस्य वहां बैठ भी नहीं सकते।"
मदन मित्रा ने कहा, कि उन्हें उत्पीड़न, गुंडागर्दी और पुलिस हमलों का सामना करना पड़ रहा है। BJP का कोई भी व्यक्ति उनकी सुरक्षा के लिए नहीं गया। उन्होंने (पुलिस ने) कहा कि वे मालिक को बुलाएंगे और मालिक के पास मौजूद समझौते की जाँच करेंगे। हमारे पास बगल वाले कमरे की चाबी है, फिर भी हमें अंदर नहीं जाने दिया गया।
खबरों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की अगुवाई में TMC के बागी गुट ने कोलकाता में पार्टी के राज्य कार्यालय पर कब्जा कर लिया है। इस पर TMC विधायक कुणाल घोष ने कहा, हमने उन लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है जो TMC बिल्डिंग में घुसे और उसे ताला लगा दिया। परिसर में ताला लगाने की कोई जरूरत नहीं थी। इसके अलावा, पार्टी से निकाले गए सदस्यों को पार्टी कार्यालय में घुसने का कोई अधिकार नहीं है। हमने इस बारे में पुलिस से गुजारिश की थी।
हम उनके लगाए ताले को आसानी से तोड़ सकते थे, लेकिन हमने कोई गैर-कानूनी या गैर-जिम्मेदाराना काम नहीं किया। हालांकि हमने पुलिस से अपील की थी, लेकिन उन्होंने घुसपैठियों को परिसर में ताला लगाने दिया और फिर उस ताले की सुरक्षा के लिए पहरा दिया। जब हमने अंदर जाने के लिए स्थानीय पुलिस, RAF और केंद्रीय बलों से मदद मांगी, तो वे बस वहीं खड़े रहे। यह तृणमूल पार्टी को नुकसान पहुंचाने की एक बड़ी साजिश है। बंगाल की जनता और तृणमूल कार्यकर्ता सब कुछ देख रहे हैं।