पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
पश्चिम बंगाल

दुर्गा पंडाल हादसे की जांच के लिए SIT गठित करेगी बंगाल सरकार, तीन महीने में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

Durga Pandal Accident: 17 अक्टूबर को कोलकाता दुर्गा पूजा के दौरान चोरबागान सार्वजनिक पंडाल में भगदड़ होने से 19 लोगों की मौत हो गई थी। सरकार ने जांच के लिए SIT के गठन का निर्देश दिया है।

आशीष शुक्ला

Highlights

  • दुर्गा पूजा पंडाल हादसे की जांच के लिए 6 सदस्यीय एसाआईटी टीम का होगा गठन

  • एसआईटी को 3 महीने के भीतर सौंपनी होगी जांच रिपोर्ट

  • कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल हादसे में 19 मौतों की हुई थी मौत

  • मृतकों के परिजनों को 2.5 लाख रुपये और एक सदस्य को नौकरी देने का वादा

  • CCTV फुटेज की जांच के बाद लापरवाही के जिम्मेदार लोगों पर होगी कार्रवाई

West Bengal Durga Pandal Accident: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 17 अक्टूबर को दुर्गा पूजा के दौरान उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ा हादसा हो गया था। बारिश से बचने के लिए पंडाल में लोगों की भीड़ बढ़ने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान पंडाल का एक हिस्सा ढह गया। हादसे में 19 लोगों की मौत और करीब 25 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इस घटना के बाद राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का फैसला किया है।

सरकार ने जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और तीन महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश देने की बात कही है। इस कदम का उद्देश्य हादसे के कारणों का पता लगाना, जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाना है।

दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है। इस दौरान राज्यभर में बड़े-बड़े पंडाल बनाए जाते हैं और लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पंडालों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। हादसे के बाद जांच की घोषणा को सुरक्षा व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

चोरबागान सार्वजनिक पंडाल में हुआ हादसा

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार रात दुर्गा पूजा के दौरान चोरबागान सार्वजनिक पंडाल में भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस घटना में 19 लोगों की मौत जबकि 40 से ज्यादा घायल हो गए थे।

बारिश से बचने के लिए पंडाल में घुसे लोग

चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में पिछले तीन-चार दिनों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। पंडाल की लोकप्रियता के कारण यहां लगातार भीड़ जुट रही थी। शनिवार रात भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इसी दौरान बारिश शुरू हो गई, जिससे बाहर खड़े श्रद्धालु भीगने से बचने के लिए पंडाल के अंदर जाने लगे।

पंडाल में पहले से ही काफी भीड़ थी। ऐसे में लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई और भीड़ का दबाव बढ़ने लगा। इसी बीच पंडाल का एक हिस्सा ढह गया और वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, पंडाल का ढांचा किस वजह से गिरा, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हादसे के कारणों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान 

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार प्रत्येक मृतक के परिवार को 2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी देगी। इसके अलावा, हादसे में घायल हुए लोगों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी और उन्हें 5 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा।

एग्जिट गेट का हिस्सा गिरने से मची अफरा-तफरी

शनिवार को उत्तर कोलकाता के चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में निकास द्वार का एक हिस्सा गिर गया था। इसके बाद वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में कई लोगों की जान चली गई और अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के साथ कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां उन्होंने भर्ती घायलों का हाल जाना और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

CM फडणवीस-एकनाथ शिंदे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात, नासिक सिंहस्थ कुंभ ध्वजारोहण का दिया न्यौता

पूर्व सीएम पिनराई विजयन को सुप्रीम कोर्ट से राहत, CMRL मामले में 7 दिन तक जांच पर रोक

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा अपडेट, तीनों आरोपी 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में

महिला आरक्षण और परिसीमन पर बरसे मल्लिकार्जुन खरगे, पीएम मोदी को सुनाई खरी-खोटी

बढ़ते प्रदूषण के बाद दिल्ली में लागू हुआ Grap 1, किन चीजों पर रहेगी पाबंदी?