कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
पश्चिम बंगाल

हमने कसाब को भी खिला-पिलाकर जिंदा रखा, बांग्लादेशी घुसपैठियों पर सरकार के एक्शन से कांग्रेस का छलका दर्द

Bangladeshi Infiltrators Action: बांग्लादेशी घुसपैठियों पर सरकार के एक्शन पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने विरोध किया है। आतंकी कसाब का उदाहरण देने पर सियासत तेज हो गई है।

अमन मौर्या

Adhir Ranjan Chowdhury Kasab statement: बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ पश्चिम बंगाल की सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। देश की सीमा सुरक्षा और घुसपैठियों को लेकर सरकार के के कड़े रुख देश में सियासी घमासान छिड़ा हुआ है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व लोकसभा सांसद अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में घुसपैठ को लेकर एक बेहद विवादित बयान दिया है। अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों पर सरकार द्वारा हो रही कार्रवाई पर चौधरी का दर्द इस कदर छलका कि इसकी तुलना उन्होंने पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब से कर दी।

आतंकवादी से की तुलना

घुसपैठियों पर केंद्र सरकार की तरफ से हो रही कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए चौधरी ने कहा कि देश में कसाब जैसे खूंखार आतंकियों को भी खिला-पिलाकर जिंदा रखा गया था तो घुसपैठियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों की जा रही है? उनके बयान के बाद से एक नया विवाद खड़ा हो गया है।

सरकार के फैसले की कड़ी निंदा

अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सरकार द्वारा बांग्लादेशी घुसपैठियों को जबरदस्ती सीमा पार छोड़ने पर सवाल उठाया। चौधरी ने सरकार की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि खुले आसमान के नीचे बारिश और धूप में किसी को खाली जमीन पर छोड़ना पूरी तरह से अमानवीय है। सरकार को निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि क्या हम इतने क्रूर और अमानवीय हो जाएंगे? इस दौरान चौधरी ने कहा कि वह भी नहीं चाहते कि ये घुसपैठिए देश में रहें, लेकिन उनके साथ इस तरह का बर्ताव नहीं होना चाहिए। सरकार को बांग्लादेश के साथ कोई कूटनीतिक रास्ता निकालना चाहिए।

 मुख्यमंत्री ने दी चेतावनी

बता दें, पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने  चेतावनी देते हुए कहा था कि इन अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को न तो शरण दी जाएगी और न ही उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा, बल्कि सीधे सीमा पर BSF को सौंप दिया जाएगा। पश्चिम बंगाल द्वारा कड़ा रुख अपनाने के बाद अवैध प्रवासियों में अफरा-तफरी मच गई। सरकार के ऐलान के बाद से ही लगातार सीमा पर अवैध प्रवासियों की भीड़ भी देखी गई।

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