बंगाल के सर्कस का असली बाजीगर कौन? अधीर रंजन चौधरी का बड़ा खुलासा, कहा- TMC की बगावत का कांग्रेस उठाएगी फायदा

Adhir Ranjan Chowdhury: कांग्रेस पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही बगावत का फायदा उठाएगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने बंगाल की राजनीति को लेकर बड़ा खुलासा किया है।
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अधीर रंजन चौधरी (IANS फाइल फोटो)
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West Bengal Politics Adhir Ranjan Chowdhury: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पांच बार के लोकसभा सांसद और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्य विपक्षी ताकत मानी जाने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बंटवारे के बाद विपक्षी राजनीति में एक खालीपन पैदा हो गया है, जो कांग्रेस के लिए अपने संगठन और जनाधार को मजबूत करने का एक बड़ा मौका हो सकता है।

अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी विधायक दल के भीतर बने नए गुट और निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नया नेता बनाए जाने के घटनाक्रम पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को 'सर्कस' करार दिया।

भाजपा पर साधा निशाना

अधीर चौधरी ने कहा, "मैं और क्या कहूं? वहां एक सर्कस चल रहा है। इन घटनाओं को और किस नाम से बुलाया जा सकता है?" उन्होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिए संकेतों में भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो पार्टी आज देश की सत्ता में है, वही इस पूरे सर्कस की असली 'बाजीगर' है।

टीएमसी में बगावत का फायदा उठाएगी कांग्रेस

जब उनसे पूछा गया कि क्या टीएमसी के टूटने और विपक्षी खेमे में पैदा हुए इस राजनीतिक संकट का फायदा कांग्रेस को मिलेगा, तो उन्होंने इसका जवाब हां में दिया। अधीर चौधरी ने कहा कि कांग्रेस हर जगह अपने राजनीतिक एजेंडे और संगठन को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। पश्चिम बंगाल में मौजूदा हालात कांग्रेस के लिए अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका लेकर आए हैं।

अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "पश्चिम बंगाल में टीएमसी पहले ही सत्ता से बाहर हो चुकी है, और अब जिस तरह की अव्यवस्था दिखाई दे रही है, उसमें कांग्रेस के पास अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर है। पिछले शासनकाल में हमें न तो संगठनात्मक गतिविधियां स्वतंत्र रूप से चलाने दी गईं और न ही लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ने का मौका मिला।"

हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार पार्टी ने 2016 से चले आ रहे सीट बंटवारे के समझौते को खत्म करते हुए माकपा नेतृत्व वाले वाम मोर्चे से अलग होकर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा था।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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