Vidyanand Bapat Video Viral Ganesh Visarjan: महाराष्ट्र के पुणे शहर में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान इस साल केवल ढोल-ताशे और पारंपरिक वाद्य ही नहीं, बल्कि डिजिटल मिम्' और AI टेक्नोलॉजी का अनोखा तड़का भी देखने को मिला। त्यौहारों के दौरान डीजे और हाई-टेक लाउड साउंड सिस्टम के अत्यधिक शोर और ध्वनि प्रदूषण का विरोध करने वाले विद्यानंद बापट इस विसर्जन जुलूस में आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गए।
विसर्जन मिरवणुक में डीजे और साउंड सिस्टम समर्थकों ने बापट के एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो, टीज़र और मिम्स बनाकर उन्हें डीजे की धुन पर नचा दिया। डीजे बापट के नाम से वायरल हो रहे ये वीडियो और पोस्टर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
पुणे शहर की प्रतिष्ठित गुरुजी तालीम मंडल की विसर्जन मिरवणुक के दौरान लेजर लाइट्स, धुएं के फव्वारों और भारी डीजे साउंड के बीच युवाओं ने जमकर जश्न मनाया। इस दौरान युवाओं ने अपने हाथों में मोबाइल और पोस्टर लहराए, जिन पर विद्यानंद बापट के मिम्स बने हुए थे। इन पोस्टरों और स्क्रीनों पर ध्वनी सम्राट पुण्याचा बापट और साऊंड लाईनचा डॉन - DJ बापट जैसे चटपटे कैप्शंस लिखे नजर आए।
डीजे बापट का यह खुमार सिर्फ पुणे तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि अहिल्यानगर की विसर्जन मिरवणुक में भी इसकी गूंज देखने को मिली। वहां एक बड़ी स्क्रीन पर बापट के मिम्स के साथ संदेश लिखा गया था। बड़ी स्क्रीन पर झलके इन एआई विजुअल्स और म्यूजिक पर युवाओं ने देर रात तक जमकर डांस किया।
अपने बयानों और ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ आंदोलनों के लिए जाने जाने वाले विद्यानंद बापट ने एआई-जनरेटेड और डीपफेक वीडियो सामने आने के बाद एक साक्षात्कार में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन वीडियो को गंभीरता से न लेते हुए कहा कि आज के आधुनिक दौर में किसी का भी एआई-जनरेटेड या डीपफेक वीडियो बनाना बहुत आसान हो गया है। बापट ने इसे बच्चों जैसी हरकत बताते हुए खारिज कर दिया।
विद्यानंद बापट ने अपनी मांग दोहराते हुए स्पष्ट किया कि उनका विरोध व्यक्तिगत नहीं बल्कि आम जनता की सुविधा के लिए है। उन्होंने कहा कि उनकी अपेक्षा सिर्फ इतनी है कि त्यौहार मनाते समय डीजे का अत्यधिक शोर न फैलाया जाए और रास्तों पर यातायात में रुकावट पैदा न की जाए। यदि डीजे के कारण आम नागरिकों को असुविधा नहीं होगी, तो किसी को भी विरोध करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।