जयपुर : शहर के एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका को एक छात्र से पैर दबवाने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। यह निर्णय तब लिया गया जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले की गंभीरता से जांच की। वायरल वीडियो में देखा गया कि एक छात्र कक्षा में शिक्षिका के पैर दबा रहा है, जिससे शिक्षिका के अनुशासन और आचरण पर सवाल खड़े हुए हैं।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने गुरुवार को जानकारी दी कि जैसे ही यह वीडियो सामने आया, विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए करतारपुरा स्थित सरकारी स्कूल में एक अधिकारी को भेजा। प्रारंभिक जांच के बाद पाया गया कि तृतीय श्रेणी की शिक्षिका रेखा सोनी का आचरण नियमों और शिक्षा क्षेत्र के अनुशासन के खिलाफ है। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान शिक्षिका रेखा सोनी ने स्वीकार किया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं थी और पैर में तेज दर्द हो रहा था। इस कारण उसने छात्र से पैर दबाने को कहा। हालांकि, विभाग ने इस दलील को अनुचित माना और कहा कि शिक्षकों का ऐसा आचरण अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है, क्योंकि यह न केवल शिक्षकों के पेशेवर आचरण के खिलाफ है बल्कि छात्रों के अधिकारों का भी उल्लंघन है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले को गंभीरता से लिया गया है क्योंकि शिक्षकों का छात्रों से ऐसा व्यवहार करवाना न केवल अनैतिक है, बल्कि इससे शिक्षा के वातावरण और शिक्षक-छात्र संबंधों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शिक्षा विभाग के अधिकारी ने कहा, "शिक्षक विद्यार्थियों के आदर्श माने जाते हैं और उनका आचरण बच्चों के भविष्य को दिशा देता है। इस प्रकार की घटना से छात्रों पर गलत प्रभाव पड़ सकता है।"
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