विशाल शालिग्राम (सोर्स - सोशल मीडिया)
वायरल

नेपाल में मिले 22 फीट की विशाल ‘शालिग्राम’ शिला का सच आया सामने, असल में नदी के पत्थर से बनाई गई कलाकृति है

Nepal Shaligram Stone : मुक्तिनाथ धाम के पास दिखी विशाल शालिग्राम जैसी शिला को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हुई। जानिए 22 फीट की इस कलाकृति का पूरा सच।

हितेश तिवारी

Muktinath Dham Shaligram Sculpture : नेपाल के प्रसिद्ध मुक्तिनाथ धाम के पास एक विशाल काले पत्थर ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। पत्थर पर बनी बड़ी सर्पिल आकृति को देखकर कई लोग इसे विशाल शालिग्राम शिला समझने लगे। तस्वीरों और वीडियो के वायरल होने के बाद इसे लेकर धार्मिक और भूवैज्ञानिक चर्चाएं भी शुरू हो गईं।

हालांकि, बाद में सामने आई जानकारी के मुताबिक यह कोई हजारों साल पुराना प्राकृतिक शालिग्राम या प्राचीन अवशेष नहीं है, बल्कि एक विशाल कलाकृति है। यह मूर्ति नेपाल के मुस्तांग जिले के जोमसोम में नदी किनारे मिले एक बड़े पत्थर को तराशकर तैयार की गई है।

यह 22 फीट ऊंची मूर्ति 2026 में बनाई गई

यह 22 फीट ऊंची मूर्ति नेपाल ललितकला प्रज्ञा-प्रतिष्ठान (Nepal Academy of Fine Arts) से जुड़े मूर्तिकारों ने एक विशेष कार्यशाला के दौरान बनाई थी। यह कार्यशाला 20 अप्रैल से 4 मई 2026 तक आयोजित की गई थी। इसका उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और क्षेत्र की कला एवं संस्कृति को सामने लाना था।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, मूर्ति का उद्घाटन एक भारतीय धार्मिक नेता ने किया था। विशाल आकार और इसकी बनावट की वजह से यह कलाकृति देखने में शालिग्राम जैसी नजर आती है और इसी कारण सोशल मीडिया पर इसे लेकर भ्रम पैदा हुआ।

यह कलाकृति आकर्षण का नया केंद्र

वास्तविक शालिग्राम शिला इससे बिल्कुल अलग होती है। शालिग्राम प्राकृतिक रूप से मिलने वाले छोटे जीवाश्म पत्थर होते हैं, जिन्हें मुख्य रूप से नेपाल की काली गंडकी नदी क्षेत्र से जोड़ा जाता है। इनमें प्राचीन अमोनाइट जीवाश्मों के निशान पाए जाते हैं और हिंदू धर्म में इन्हें भगवान विष्णु के स्वरूप के रूप में पूजा जाता है।

इसलिए 22 फीट की इस विशाल संरचना को प्राकृतिक शालिग्राम मानना सही नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के बाद लोगों ने भी स्पष्ट किया कि यह धार्मिक महत्व से प्रेरित कलात्मक मूर्ति है, कोई प्राकृतिक प्राचीन शालिग्राम जीवाश्म नहीं। हालांकि, यह कलाकृति धार्मिक पर्यटन के लिहाज से आकर्षण का नया केंद्र जरूर बन सकती है।

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