छात्रा को थप्पड़ मारने वाली नायब तहसीलदार को नोटिस (फोटो- सोशल मीडिया) 
वायरल

थप्पड़बाज तहसीलदार! किसान की कॉलर पकड़ी, महिला से की मारपीट; किल्लत में जनता पर जुल्म ढा रहे अधिकारी

MP से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई, जहां अन्नदाता का सम्मान तो दूर उनकी बेटियों पर थप्पड़ बरसाए दिए। खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों की लाइन में लगी छात्रा को नायब तहसीलदार ने सरेआम तमाचा जड़ दिया।

सौरभ शर्मा

Chhatarpur Naib Tehsildar Slap Video: मध्य प्रदेश के छतरपुर से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जहां अन्नदाता का सम्मान तो दूर, उनकी बेटियों पर थप्पड़ बरसाए जा रहे हैं। खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों की लाइन में लगी एक एमए की छात्रा को नायब तहसीलदार ऋतु सिंह ने सरेआम थप्पड़ जड़ दिया। अपने माता-पिता की मदद करने आई छात्रा का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने टोकन मांग लिया था। इस घटना का वीडियो वायरल होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया है और अफसरशाही के रवैये पर सवाल खड़े हो गए हैं।

दरअसल, सताई कृषि मंडी में खाद के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी। किसान सुबह से ही लाइनों में लगे थे और आरोप लगा रहे थे कि अधिकारी खाद की कालाबाजारी में मिले हुए हैं। इसी भीड़ में गुड़िया पटेल नाम की छात्रा भी खड़ी थी। जब उसने टोकन मांगा, तो नायब तहसीलदार का पारा चढ़ गया। आरोप है कि महिला अधिकारी ने न केवल छात्रा को थप्पड़ मारा, बल्कि बाल भी खींचे। वहां मौजूद किसानों ने बताया कि मैडम ने एक किसान की कॉलर भी पकड़ी थी और महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की भी की।

पढ़ाई छोड़कर लाइन में लगी थी बेटी

पीड़ित छात्रा गुड़िया पटेल परा गांव की रहने वाली है और गर्ल्स कॉलेज से एमए कर रही है। उसने बताया कि वह अपने माता-पिता की मदद के लिए पढ़ाई छोड़कर खाद की लाइन में लगी थी। गुड़िया के मुताबिक, वह सुबह 9 बजे से लाइन में थी, लेकिन दोपहर 1 बजे तक खाद नहीं मिली। जब उसने टोकन मांगा, तो तहसीलदार ने कहा कि महिलाओं को टोकन नहीं मिलेंगे, सिर्फ पुरुषों को मिलेंगे। दोबारा पूछने पर मैडम ने आपा खो दिया और उसे थप्पड़ रसीद कर दिया। गुड़िया ने साफ कहा कि उसने कोई अभद्रता नहीं की थी, फिर भी उसे अपमानित किया गया।

कलेक्टर ने थमाया नोटिस, ड्यूटी से हटाया

थप्पड़कांड का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। इसके बाद छतरपुर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने नायब तहसीलदार ऋतु सिंह को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया है और कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में साफ लिखा है कि यह कृत्य मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के खिलाफ है। अपर कलेक्टर मिलिंद कुमार नागदेवे ने पुष्टि की है कि नोटिस का जवाब मांगा गया है और अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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