बच्चों की थाली में मौत का निवाला? मिड-डे मील में तैरता मिला मरा हुआ मेंढक, VIDEO देख कांप जाएगी रूह

MP के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील में दुर्दशा की तस्वीरें लगातार आ रहीं है। अब ग्वालियर के एक स्कूल से बच्चों के स्वास्थ से खिलवाड़ का मामला आया, जहां परोसे जाने वाले भोजन में मरा हुआ मेंढ़क मिला।
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बच्चों की थाली में पहुंचने वाला था मौत का निवाला? (फोटो- सोशल मीडिया)
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MP Gwalior Mid Day Meal frog Video: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौनिहालों की जान से खिलवाड़ का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला ग्वालियर जिले का है, जहां शिक्षा के मंदिर में बच्चों को परोसे जाने वाले मिड-डे मील में एक मरा हुआ मेंढक मिला है। भूख मिटाने के लिए जब खाने की बाल्टी खोली गई, तो नजारा देख वहां मौजूद हर शख्स सन्न रह गया। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी दावों और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

यह शर्मनाक घटना ग्वालियर जिले के गोकुलपुर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय की है। सोमवार को जब स्कूली बच्चों को खाना खिलाने की तैयारी चल रही थी, तभी स्टाफ ने देखा कि दाल और सब्जी की बाल्टी में एक बड़ा सा मरा हुआ मेंढक तैर रहा है। गनीमत रही कि यह खाना बच्चों की थाली तक नहीं पहुंचा, वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था और कई बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती थी। स्कूल के जागरूक कर्मचारियों ने तुरंत इसका वीडियो बनाया और सबूत के तौर पर विभागीय अधिकारियों को भेज दिया, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।

शिकायतों के बाद भी कुंभकर्णी नींद

स्कूल स्टाफ और वहां मौजूद बच्चों का कहना है कि खाने की गुणवत्ता को लेकर यह कोई पहली शिकायत नहीं है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले भी कई बार खाने में कीड़े निकलने और अजीब सी बदबू आने की शिकायतें की जा चुकी हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे थे। शिकायतों के बावजूद न तो खाने की क्वालिटी सुधरी और न ही सप्लायर पर कोई कार्रवाई हुई। मेंढक मिलने की खबर फैलते ही बच्चों में डर और घिन दोनो का माहौल तो बन गया है, और अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

अब जागी सरकार, जांच के आदेश

मामला तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रशासन लीपापोती से बचते हुए एक्शन मोड में आ गया है। जिला कलेक्टर रुचिका चौहान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत ने भी आश्वासन दिया है कि मामले की गहनता से जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले श्योपुर जिले में भी बच्चों को कागज के टुकड़ों पर खाना परोसने का अमानवीय मामला सामने आया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं बताती हैं कि सिस्टम में गहरी लापरवाही घर कर गई है।

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