Midday Meal Milk Controversy : उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक वीडियो सामने आया है, जिसने मिडडे मील योजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की रसोई में पानी से भरी बाल्टी में दूध मिलाते हुए देखा जा सकता है।
आरोप है कि बच्चों को वही पतला किया गया दूध परोसा गया। बताया जा रहा है कि बाल्टी में पहले से काफी मात्रा में पानी था, जिसमें दो आधा-आधा लीटर के दूध के पैकेट डाले गए। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
मामला सामने आते ही शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महोबा के बुनियादी शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा ने बताया कि यह घटना बुधवार की है। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि पानी मिला दूध ही बच्चों को वितरित किया गया।
इसके बाद विद्यालय की हेड टीचर मोनिका सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभाग ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यदि आगे कोई और गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह पहला मामला नहीं है जब मिडडे मील को लेकर सवाल उठे हों। इससे पहले मेरठ, सोनभद्र और मिर्जापुर जैसे जिलों से भी दूध में पानी मिलाने या बच्चों को पर्याप्त भोजन न देने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
केंद्र सरकार की पीएम पोषण योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाना है, लेकिन ऐसे मामलों से योजना की साख पर असर पड़ता है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।