The Ocean Cleanup : मध्य प्रदेश के एक 20 वर्षीय युवक ने अपने दम पर गंदी नदी की सफाई कर ऐसी मिसाल कायम की है, जिसकी चर्चा अब विदेश तक हो रही है। सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से जाना जाता है, पिछले कई महीनों से अजनार नदी से प्लास्टिक, कचरा और दूसरी गंदगी निकालने का काम कर रहे थे।
यह सफाई अभियान किसी सरकारी योजना या बड़े पर्यावरण संगठन का हिस्सा नहीं था। सुरेंद्र खुद ही जरूरी सामान का इंतजाम करते और नदी तथा आसपास के सार्वजनिक स्थानों से कचरा हटाने पहुंच जाते थे। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें भी शेयर कीं।
पहले तस्वीर में नदी और उसके आसपास बड़ी मात्रा में कचरा दिखाई दे रहा था, जबकि बाद की तस्वीर में जगह काफी साफ नजर आई। इन तस्वीरों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक व्यक्ति लगातार मेहनत करे तो स्थानीय स्तर पर भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
सुरेंद्र के इस काम की कहानी सोशल मीडिया पर पहुंची तो इसने Dutch पर्यावरण कार्यकर्ता और The Ocean Cleanup के CEO Boyan Slat का ध्यान खींच लिया। The Ocean Cleanup समुद्रों और नदियों में प्लास्टिक प्रदूषण कम करने के लिए काम करने वाली संस्था है।
सोशल मीडिया पर सुरेंद्र की कहानी और अजनार नदी की पहले और बाद की तस्वीरें शेयर की गईं। इस पोस्ट पर Boyan Slat ने खुद प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “Come work with us.” यानी उन्होंने सुरेंद्र को अपनी संस्था के साथ काम करने का न्योता दिया।
Boyan Slat का यह छोटा सा जवाब सुरेंद्र के लिए उनके महीनों के काम का बड़ा सम्मान माना जा रहा है। जिस सफाई की शुरुआत उन्होंने अपने स्तर पर की थी, वह अब उन्हें दुनिया में नदी और प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ काम करने वाली एक अंतरराष्ट्रीय संस्था तक ले जा सकती है।
सुरेंद्र की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने किसी बड़े संगठन या बड़ी टीम का इंतजार करने के बजाय खुद से सफाई शुरू की। वह अपने खर्च पर जरूरी सामान जुटाकर नदी से कचरा निकालते रहे और आसपास के सार्वजनिक स्थानों की सफाई में भी योगदान दिया।
उनकी पहले और बाद की तस्वीरों ने सोशल मीडिया यूजर्स को दिखाया कि लगातार प्रयास से किसी जगह की स्थिति में कितना बदलाव आ सकता है। अब Boyan Slat के न्योते के बाद सुरेंद्र की कहानी ने एक नया मोड़ ले लिया है।
एक स्थानीय नदी को साफ करने से शुरू हुआ उनका प्रयास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े काम का मौका बन गया है। सोशल मीडिया पर लोग सुरेंद्र की मेहनत की तारीफ कर रहे हैं और उनके जैसे युवाओं को अपने आसपास के पर्यावरण की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित करने वाली इस कहानी को साझा कर रहे हैं।