Child Abuse Case : असम की राजधानी गुवाहाटी से एक बेहद भयावह और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां 13 साल की एक किशोरी को एक घर में बेड के नीचे बने बक्से में छिपाकर रखा गया था। सोशल मीडिया पर बच्ची को बचाने का वीडियो वायरल होते ही हंगामा मच गया।
जानकारी के मुताबिक, किशोरी उसी घर में नौकरानी के रूप में काम कर रही थी, जो कि कानूनन अपराध है। भारत में नाबालिग से घरेलू काम कराना गैरकानूनी है, इसके बावजूद बच्ची से सालों तक जबरन काम कराया गया।
बताया गया है कि बच्ची पिछले 6 साल से उसी घर में काम कर रही थी, यानी बहुत कम उम्र से ही उससे मजदूरी करवाई जा रही थी। आरोप है कि उस पर नियमित रूप से शारीरिक अत्याचार भी किया जाता था। जिला श्रम टास्क फोर्स को इस बारे में पहले से सूचना मिली थी।
रविवार शाम मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में टीम ने छापा मारा। आरोप है कि घर वालों को कार्रवाई की भनक लग गई थी, जिसके बाद किशोरी को बिस्तर के नीचे बने स्टोरेज बक्से में छिपा दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, बच्ची को करीब 25 मिनट तक उस तंग जगह में बंद रखा गया था।
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छापे के दौरान घर की मालकिन एरिना लस्कर खातून ने पहले बच्ची के घर में होने से इनकार किया और दावा किया कि उसके पिता उसे ले गए हैं। जब अधिकारियों ने गहन तलाशी की अनुमति मांगी तो शुरू में उन्हें रोका गया। बाद में तलाशी के दौरान बेड के नीचे छिपा बक्सा मिला, जिसमें से बच्ची को बेहद कमजोर हालत में बाहर निकाला गया।
पानी पीने के बाद होश में आते ही वह रो पड़ी और बताया कि उस पर सालों से अत्याचार हो रहा था। फिलहाल किशोरी को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।