Colombo Sydney Flight Lightning Emergency Landing: हवाई सफर के दौरान मौसम की अनिश्चितता कभी-कभी बड़े हादसों का सबब बन सकती है। ऐसी ही एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना श्रीलंका से ऑस्ट्रेलिया जा रही एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट के साथ घटी। श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से सिडनी के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट संख्या (Airlines Flight) शुक्रवार को उस समय बड़े हादसे का शिकार होने से बच गई, जब बीच आसमान में उस पर भीषण आसमानी बिजली गिर पड़ी। इस विमान में कुल 233 लोग सवार थे, जिनकी जान कुछ पलों के लिए हलक में अटक गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विमान शुक्रवार सुबह करीब 12:05 बजे कोलंबो के बंदरानायके इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सिडनी के लिए रवाना हुआ था। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान खराब मौसम की चपेट में आ गया। जब विमान काफी ऊंचाई पर था, तभी अचानक एक तेज गरज के साथ आसमानी बिजली सीधे विमान से जा टकराई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिजली गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि यात्रियों को किसी बड़े धमाके (Blast) जैसा अनुभव हुआ।
विमान पर बिजली गिरने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बिजली गिरने के तुरंत बाद विमान के एक इंजन से चिंगारियां निकलती हुई दिखाई दीं। अचानक हुए इस धमाके और चिंगारियों को देखकर विमान के अंदर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, Crew Members ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत स्थिति को संभाला और यात्रियों को ढांढस बंधाया कि स्थिति नियंत्रण में है।
विमान के पायलटों ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे का सफर जारी रखने के बजाय वापस लौटने का फैसला किया। पायलटों ने यात्रियों को सूचित किया कि बिजली गिरने के कारण इंजन को मामूली क्षति पहुंची है, जिसके कारण एहतियात के तौर पर विमान को वापस कोलंबो ले जाया जा रहा है। कुछ ही समय बाद विमान को बंदरानायके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित तरीके से उतार लिया गया। विमान में सवार सभी 207 यात्री और 16 क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
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विमान के सुरक्षित लैंडिंग के बाद तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों की एक टीम ने विमान की सघन जांच शुरू कर दी है। एयरलाइन सूत्रों ने पुष्टि की कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता था, इसलिए बीच रास्ते से लौटने का फैसला बिल्कुल सही था। एयरलाइन ने फंसे हुए यात्रियों के लिए वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था की ताकि वे अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इस घटना ने एक बार फिर विमानों में 'लाइटनिंग प्रोटेक्शन सिस्टम' की महत्ता और पायलटों की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता पर चर्चा छेड़ दी है।