9वीं परीक्षा में शानदार अंक हासिल करने पर गिफ्ट
पिता ने दी करोड़ों की BMW कार
कभी मुंबई में लाइटमैन हुआ करते थे शम्सुद्दीन
बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बेटा नहीं चला पाएगा गिफ्ट वाली कार
Father Gifts BMW to Son: पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान जिले से एक बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यहां गलसी इलाके के पराज गांव निवासी चावल कारोबारी शम्सुद्दीन मिद्या ने अपने 15 वर्षीय बेटे मोहम्मद तलहा को ऐसा नायाब तोहफा दिया है, जिसकी चारों तरफ चर्चा हो रही है।
बताया जा रहा है कि बर्दवान जिले के स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले तलहा ने हाल ही में संपन्न हुई हॉफ ईयरली परीक्षा में बेहतरीन अंक हासिल किए। बेटे की इस शैक्षणिक सफलता से खुश होकर पिता ने उसे करीब 2.30 करोड़ रुपये मूल्य की चमचमाती BMW M4 कॉम्पिटिशन कार उपहार में दी है।
आज करोड़ों की गाड़ियों और बड़े कारोबार के मालिक शम्सुद्दीन मिद्या का अतीत कड़े संघर्षों और मेहनत से भरा रहा है। वह साल 2003 में रोजी-रोटी की तलाश में मुंबई गए थे, जहां उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में लगभग सात सालों तक लाइटमैन के तौर पर काम किया। साल 2010 में अपने गांव लौटने के बाद उन्होंने जमीनी स्तर से चावल का व्यापार शुरू किया और निरंतर प्रगति की।
वर्तमान में गलसी इलाके में उनकी तीन आधुनिक चावल मिलें संचालित हैं। उनका व्यापार केवल बंगाल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वे वियतनाम, मलेशिया, सिंगापुर और दुबई जैसे कई देशों में चावल निर्यात करते हैं।
शम्सुद्दीन मिद्या के अनुसार, उनका बेटा मोहम्मद तलहा काफी समय से BMW M4 कॉम्पिटिशन कार लेने की ख्वाहिश जता रहा था और उसने अपने पिता से इसकी मांग की थी। बेटे द्वारा छमाही परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद पिता ने उसका सपना पूरा करने का फैसला किया। इसके लिए वे मुंबई पहुंचे और अंधेरी स्थित एक प्रमुख शोरूम से सीधे कार की खरीदारी की। इसके बाद इस लग्जरी गाड़ी को एक विशेष कंटेनर में सुरक्षित रखकर सीधे पराज गांव पहुंचाया गया। शम्सुद्दीन अपनी इस अप्रत्याशित सफलता का पूरा श्रेय अल्लाह को देते हैं।
शम्सुद्दीन मिद्या को पहले से ही लग्जरी और मजबूत गाड़ियों का काफी शौक रहा है। उनके निजी कार कलेक्शन में रेंज रोवर, वोल्वो, महिंद्रा थार और हुंडई अल्काजार जैसी महंगी गाड़ियां पहले से ही मौजूद हैं और अब BMW भी इसका हिस्सा बन गई है। दिलचस्प बात यह है कि उनकी अधिकांश गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नंबर के अंतिम तीन अंक 555 हैं, जिसे बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की पसंदीदा नंबर सीरीज के रूप में भी जाना जाता है। इसके अतिरिक्त, शम्सुद्दीन समाज के जरूरतमंद और गरीब लोगों की गुप्त रूप से आर्थिक मदद करने के लिए भी जाने जाते हैं।
भले ही 15 साल के मोहम्मद तलहा को करोड़ों की सुपरकार मिल चुकी है, लेकिन वह अभी इसे खुद नहीं चला पाएगा। कानूनी रूप से उसकी उम्र केवल 15 वर्ष होने के कारण उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है। तलहा ने समझदारी दिखाते हुए कहा कि उसका पूरा ध्यान फिलहाल अपनी पढ़ाई पर ही केंद्रित रहेगा। उसने योजना बनाई है कि वह सप्ताह में केवल एक दिन इस कार की यात्रा करेगा, जिसमें उसके पिता गाड़ी चलाएंगे और वह बगल वाली सीट पर बैठकर सफर का आनंद लेगा।
फिलहाल यह अनोखा उपहार पूरे क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है। एक पिता ने बेटे की ख्वाहिश पूरी करने के लिए शानदार गिफ्ट दिया है।