Sheopur hospital: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के गांधीनगर उपस्वास्थ्य केंद्र की एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना को उजागर करता है। यहां आधी रात को एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा (डिलीवरी पेन) से पीड़ा हो रही थी, लेकिन सरकारी अस्पताल का दरवाजा बंद था। महिला का भाई और पड़ोसी करीब एक घंटे तक पागलों की तरह चिल्लाते रहे और कर्मचारियों को आवाज लगाते रहे, लेकिन अंदर सो रहे स्वास्थ्य कर्मियों ने दरवाजा नहीं खोला। आख़िरकार बहन की पीड़ा न देखने के कारण भाई को मजबूरन अस्पताल का दरवाज़ा तोड़ दिया गया।
अंदर जाने पर भी मनोवैज्ञानिक और नर्सों ने इलाज करने से मना कर दिया और बदतमीजी की। यही नहीं, आपातकालीन सेवा 108 स्पीकर भी उपलब्ध नहीं हो सकता है। गंभीर हालत में महिला को रात के अंधेरे में बाइक पर बिठाकर 20 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां आरोपियों की सुसंगति से सुरक्षित स्थिति हो सकी। इस भीषण युद्ध के बाद लोगों में भारी गतिरोध है और प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।