किसान बचाओ पदयात्रा पर पुलिस का ब्रेक, जंतर-मंतर जा रहे 51 किसानों को खानौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर रोका

Haryana Farmers March Stopped: जिंद के खानौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर 51 किसानों को पुलिस ने रोका। दल्लेवाल के नेतृत्व में किसान MSP गारंटी समेत मांगों को लेकर दिल्ली मार्च कर रहे थे।
Haryana Farmers March Stopped On Border
किसानों को खनौरी और दाता सिंहवाला बॉर्डर पर पुलिस ने रोका(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Haryana Farmers March Stopped On Border: संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल के नेतृत्व में दिल्ली की ओर पैदल मार्च कर रहे 51 किसानों के समूह को रविवार, 16 अगस्त को हरियाणा पुलिस ने जिंद के खानौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर रोक दिया।

किसान 13 दिवसीय ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ के तहत दिल्ली के जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे। इस दौरान कई किसान नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया।

करीब 150 समर्थकों के साथ किसान दिल्ली पहुंचकर प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से कृषि क्षेत्र को बाहर रखने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, किसानों के पूर्ण कर्जमाफी और आंदोलन के दौरान दर्ज पुलिस मामलों को वापस लेने जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना चाहते थे। दल्लेवाल ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से पैदल मार्च कर रहे थे और उनके साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं थी।

पुलिस ने कांटेदार तार से सील किया बॉर्डर

मार्च को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने खानौरी और दाता सिंहवाला बॉर्डर के बीच रास्ते को कंक्रीट बैरियर और कांटेदार तार से सील कर दिया था। नरवाना नहर पुल और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए मजबूत बैरिकेड्स, वाटर कैनन और दंगा नियंत्रण वाहनों को भी तैयार रखा गया था। पुलिस ने पंजाब और हरियाणा के बीच आवागमन करने वाले लोगों के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह जारी की।

जींद के पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि जिले में निषेधाज्ञा लागू है और किसानों के इस समूह की गतिविधि के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति नहीं मिली थी। इसी वजह से पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका।

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किसानों का क्या हैं कहना?

दल्लेवाल ने कहा कि किसान उसी स्थान पर धरना देंगे जहां उन्हें रोका गया है और मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करेंगे। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय से किसानों के रास्ते को खोलने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की। किसानों का कहना है कि वे सड़क के एक किनारे शांतिपूर्वक बैठे हैं और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।

बाद में दल्लेवाल ने बताया कि उनके सहयोगियों ने स्थानीय प्रशासन से बातचीत कर आगे बढ़ने की अनुमति और रास्ता खोलने का प्रयास किया। शुरुआती बातचीत में प्रदर्शनकारियों की संख्या कम करने का प्रस्ताव सामने आया, लेकिन बाद में हरियाणा के मुख्यमंत्री से मुलाकात की संभावना पर भी चर्चा हुई।

हालांकि, दल्लेवाल का कहना है कि किसानों की मांगों के समाधान के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री या निर्णय लेने में सक्षम किसी वरिष्ठ केंद्रीय नेता से बातचीत जरूरी है।

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