Russia Oil Crisis: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को तीन साल से ज्यादा का समय हो चुका है। शुरुआत में रूस को उम्मीद थी कि यह संघर्ष जल्दी खत्म हो जाएगा, लेकिन समय के साथ युद्ध का स्वरूप बदल गया। जिस रूस को दुनिया ऊर्जा महाशक्ति के रूप में जानती है। जिस रूस से भारत समेत दुनिया के कई देश लाखों बैरल कच्चा तेल खरीदते हैं। आज उसी रूस में पेट्रोल और डीजल की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं। रूस के कई इलाकों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों ने रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया है और अब इसका असर सीधे आम लोगों की जिंदगी पर दिखाई देने लगा है। हालात इतने गंभीर बताए जा रहे हैं कि रूस की सरकार घरेलू बाजार को बचाने के लिए डीजल निर्यात पर रोक लगाने तक पर विचार कर रही है। खुद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्वीकार किया है कि रूस इस समय कठिन दौर से गुजर रहा है। लेकिन सवाल यह है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल रूस में आखिर पेट्रोल-डीजल की कमी क्यों हो रही है? क्या यूक्रेन की रणनीति सफल हो रही है? और क्या इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है?