Highlights:
उत्तराखंड के नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली में ऑरेंज अलर्ट जारी।
पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों को नियंत्रित रखा जाए।
केदारनाथ धाम में आसपास की पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं।
Uttarakhand Mein Aaj Ka Mausam: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मौसम विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों के लिए जारी किए गए 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट को देखते हुए पूरी सतर्कता बरतें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा मौसम को देखते हुए, सभी जिलों में आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी तरह से मुस्तैद रहनी चाहिए और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना चाहिए।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहरादून के पूर्वानुमान के अनुसार, 30 अक्टूबर के लिए नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जिलों में 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, ओलावृष्टि होने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
इसके अलावा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत के कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। राज्य के बाकी जिलों के लिए भी गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर 'येलो' अलर्ट जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिया है कि जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता, तब तक पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों को नियंत्रित रखा जाए। उन्होंने संवेदनशील और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की आशंका वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने और जरूरत पड़ने पर यातायात को नियंत्रित करने पर जोर दिया।
यदि कहीं सड़क बंद हो जाती है, तो संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई करके रास्ते को साफ करने और फिर से खोलने का काम करना चाहिए। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 'आपदा प्रबंधन घटना प्रतिक्रिया प्रणाली' (IRS) के तहत नियुक्त अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को 'हाई अलर्ट' पर रखें।
उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में कल से लगातार हो रही बर्फबारी के कारण, आसपास की पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं। इस मौसम की पहली भारी बर्फबारी की वजह से केदारनाथ में तापमान काफी गिर गया है।
राजस्व, ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के लिए कहा गया है, जबकि पुलिस, SDRF, अग्निशमन सेवा और अन्य बचाव दलों को जरूरी उपकरणों के साथ 'स्टैंडबाय' (तैयार) रहने का निर्देश दिया गया है।