उत्तराखंड के विरासत अभियान में कुल 10,404 प्रकरण दर्ज किए गए।
धारा-34 के तहत 3,835 और धारा-33ए के तहत 1,108 मामलों का निस्तारण हुआ।
CM पुष्कर सिंह धामी ने लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
Uttarakhand Virasat Abhiyan: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चलाए गए विरासत अभियान के तहत निर्विवाद संपत्ति हस्तांतरण से जुड़े हजारों मामलों का निस्तारण किया गया है। अभियान के अंतर्गत धारा-34 और धारा-33ए के तहत कुल 10,404 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 4,943 का निस्तारण हो चुका है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य संपत्ति के नामांतरण की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाकर आम लोगों को राहत देना है।
उत्तराखंड में 17 अक्टूबर 2026 को आयोजित म्यूटेशन डे के दौरान उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, धारा-34 के तहत कुल 9,244 प्रकरण दर्ज किए गए थे। इनमें से 3,835 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। वहीं, धारा-33ए के तहत दर्ज 1,160 प्रकरणों में से 1,108 का निस्तारण हुआ है। इस तरह दोनों धाराओं के तहत कुल 4,943 मामलों का समाधान किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है। विरासत अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि संपत्ति से जुड़े निर्विवाद मामलों में देरी होने से लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार ऐसे मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कर नागरिकों को राहत देना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के तहत प्राप्त मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और शेष प्रकरणों का नियमानुसार जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि लोगों को अपने काम के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
राज्य सरकार के अनुसार, इस पहल से राजस्व सेवाओं को अधिक सुगम बनाने, आम लोगों की समस्याओं के समाधान और प्रशासन के प्रति नागरिकों का विश्वास मजबूत करने में मदद मिलेगी।