देहरादून में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया)
उत्तराखण्ड

राहुल गांधी पर FIR से उत्तराखंड में गरमाई सियासत, सड़क पर उतरी कांग्रेस, पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता- VIDEO

FIR Against Rahul Gandhi: राहुल गांधी के खिलाफ FIR को लेकर कांग्रेस ने देहरादून में प्रदर्शन किया। सचिवालय घेरने पहुंचे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, जिसके बाद दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई।

अक्षय साहू

Uttarakhand Congress Protest: उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने FIR वापस लेने की मांग करते हुए उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुष्कर सिंह धामी सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला और सचिवालय घेरने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।

देहरादून में बीजेपी और धामी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और राहुल गांधी के खिलाफ SC/ST एक्ट में दर्ज हुई FIR एफआईआर को वापस लेने की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि राहुल गांधी ने वही बात कही है, जो संविधान और देश का कानून कहता है। उनके खिलाफ कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। 

राहुल गांधी के खिलाफ क्यों हुई FIR? 

राहुल गांधी के खिलाफ यह FIR हल्द्वानी में हुए शुद्धिकरण विवाद को लेकर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, वाल्मीकि समाज के एक व्यक्ति ने कांग्रेस नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। व्यक्ति का आरोप है कि राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम वाली जगह पर हुए धार्मिक कार्यक्रम को जाति से जोड़ दिया। 

कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोला 

इस विवाद में कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण के बाद मंच के शुद्धिकरण के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन आज तक FIR दर्ज नहीं हुई। वहीं, विडंबना देखिए इस मुद्दे को छुआछूत और भेदभाव से जोड़कर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे दलित समाज का अपमान बताया, तो उन्हीं के खिलाफ FIR दर्ज हो गई।

पायलट ने आगे कहा कि, क्या न्याय की मांग करना भी अपराध है? FIR और मुकदमों के दबाव में आवाज नहीं दबाई जा सकती। भाजपा का दलित-विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है। सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की रक्षा के लिए राहुल जी और कांग्रेस पार्टी की आवाज पहले की तरह बुलंद रहेगी। 

अखिलेश यादव ने भी बोला हमला

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए कहा कि, भाजपा की दलित-विरोधी सोच ही  उत्तराखंड में मंच धुलवाती है और नेता प्रतिपक्ष पर FIR करवाती है। घोर निंदनीय। भाजपा ने अपनी हार के पराजय-पत्र पर ख़ुद ही दस्तखत कर दिये हैं।  

धामी ने राहुल गांधी पर किया पलटवार

वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले को लेकर राहुल गांधी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि चाय पीने के दौरान उन्हें सिर्फ अपनापन दिखा, जाति नहीं। धामी ने राहुल गांधी पर हर चीज में जाति और भेदभाव खोजने का आरोप लगाया और इसे उनकी संकीर्ण राजनीति बताया।

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