केदारनाथ यात्रा (सोर्स- सोशल मीडिया) 
उत्तराखण्ड

केदारनाथ यात्रा पर लगा ब्रेक, IMD के अलर्ट के बाद रास्ते में रोके गए श्रद्धालु, जानें कैसे हैं ताजा हालात

Kedarnath Yatra 2026 Update: उत्तराखंड में लगातार खराब मौसम के कारण केदारनाथ यात्रा अस्थाई रुप से रोक दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर फैसला लिया गया है। मौसम सही होने बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।

स्निग्धा श्रीवास्तव

Kedarnath Yatra Halted: उत्तराखंड में लगातार खराब मौसम के कारण केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है। भारी बारिश और ऑरेंज अलर्ट के कारण यात्रा रोकने का फैसला लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक मौसम सामान्य होने पर यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।

गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर अस्थायी तौर पर यात्री रोके गए हैं। श्रीनगर, ऋषिकेश में भी यात्रियों को हाल्ट पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। चारों धाम पर लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है। चमोली जिले में सुबह से ही मूसलाधार बारिश प्रसिद्ध धाम हेमकुंड साहिब में बर्फबारी जारी है। इसके अलाना बद्रीनाथ धाम में नर नारायण और नीलकंठ पर्वत पर भी बर्फबारी जारी है।

श्रद्धालुओं को सुरक्षित नीचे लाया गया

आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि केदारनाथ धाम और पूरी केदारघाटी व रुद्रप्रयाग जिले के अधिकांश क्षेत्रों में पिछले शनिवार से ही लगातार बारिश हो रही है। जिसके कारण प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा पर अस्थाई रोक लगा दी है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हजारों श्रद्धालुओं को गुप्तकाशी, फाटा, रामपुर, शेरसी, सोनप्रयाग और गौरीकुंड जैसे सुरक्षित होल्डिंग इलाकों में रोक दिया है। अधिकारी ने बताया कि केदारनाथ धाम से लौट रहे यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित नीचे लाया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आपदा प्रबंधन और अन्य विभागों की टीमें अलर्ट मोड में हैं। केदारनाथ धाम के मार्गों और पड़ाव स्थलों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक मौसम में सुधार होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।

पिछले 48 घंटे में मौसम ने बदला मिजाज

देहरादून में भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 31 मई की सुबह अपने बुलेटिन में स्पष्ट किया कि आज पर्वतीय जनपदों और हरिद्वार में जोरदार बारिश, गर्जन और 3500 मीटर से ऊंचे स्थानों पर बर्फबारी की संभावना है। आज पर्वतीय जनपदों में आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं के साथ तेज बारिश हो सकती है। और अगले 24 घंटों में तापमान में 1 से 3 डिग्री की और गिरावट हो सकती है। पर्वतीय इलाकों में 5 जून तक मौसम खराब रहने की संभावना है।

प्रशासन की जनता से अपील

SEOC और मौसम विभाग ने तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील करते हुए कहा कि गर्जन और बिजली के दौरान घर के अंदर ही रहें, पेड़ों के नीचे ना छिपे। भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहें और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें। किसी भी प्रकार की आपदा, मार्ग अवरोध, भूस्खलन या अन्य आपात स्थिति के बारें में सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) के कॉन्टैक्ट नंबर 8958757335, 8218326386 या 112 पर दी जाएं।

10 लाख लोग पहुंचे केदारनाथ धाम

बता दें कि बाबा केदार के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला। यात्रा के महज 39 दिनों में 10 लाख यात्रियों का आंकड़ा पार कर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। खराब मौसम के कारण आ रही बाधाओं के बाद भी बाबा केदार के भक्तों का उत्साह देखने लायक है।

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