उत्तराखंड में सेना का रेसक्यू ऑपरेशन जारी (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया) 
उत्तराखण्ड

उत्तराखंड के ऑपरेशन धराली में 357 लोगों का रेसक्यू, 8 सैनिकों के साथ 100 से अधिक लोगों की खोज जारी

Uttarakhand Dharali Operation: धराली और हर्षिल में भीषण बाढ़ आई और भूस्खलन की घटना घटी। घटना के बाद से ही सेना ने ऑपरेशन धराली के तहत राहत और बचाव कार्यों की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले रखी है।

गीतांजली शर्मा

Resecue Operation In Uttrakhand: उत्तराखंड के धराली और हर्षिल क्षेत्र में भीषण बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदा एक के बाद एक आती चली गई। घटना के बाद से ही भारतीय सेना ने यहां ऑपरेशन धराली चला रखा है। धराली ऑपरेशन के तहत राहत और बचाव कार्यों की कमान संभाल रखी है। सेना के मुताबिक यहां अब तक 357 से अधिक नागरिकों को वायु और स्थल मार्ग से सुरक्षित निकाल लिया गया है।

बचाव अभियान के दौरान 119 लोगों को देहरादून एयरलिफ्ट किया गया। वहीं 13 सैनिक भी रेस्क्यू किए गए हैं। इस दौरान 2 लोगों के मौत की खबर भी सामने आई है। हालांकि 14 राज राइफल्स के 08 सैनिक व लगभग 100 नागरिक अभी भी लापता हैं।

7 अगस्त को 68 हेलिकॉप्टर उड़ानें संचालित हुईं

सेना ने धराली ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि इस ऑपरेशन के जरिए  7 अगस्त को कुल 68 हेलिकॉप्टर उड़ानें संचालित की गईं। इनमें भारतीय वायुसेना की 6, भारतीय सेना की 7 और नागरिक हेलिकॉप्टर की 55 उड़ानें शामिल हैं। सी-295 विमान के माध्यम से देहरादून, हर्षिल, मतली और धारासू के बीच हेलि-ब्रिजिंग जारी है। वहीं हेलिकॉप्टरों की मदद से राहत सामग्री, उपकरण और राहतकर्मी बचाव क्षेत्र में लगातार पहुंचाए जा रहे हैं। साथ ही दुर्गम क्षेत्रों से लोगों को निकालने का काम जारी है।

खोजी कुत्ते राहत कार्य में जुटे

भारतीय सेना की टुकड़ियां, इंजीनियर, मेडिकल टीमें, और खोजी कुत्ते राहत कार्य में लगातार लगे हुए हैं। एनडीआरएफ के 105 जवान और एसडीआरएफ के दल मौके पर सक्रिय हैं। आईटीबीपी की टीमें, जिनमें चिकित्सा अधिकारी भी शामिल हैं, धराली और हर्षिल में तैनात हैं। डॉक्टर्स, नर्सिंग असिस्टेंट्स, और कॉम्बैट मेडिक्स द्वारा बचाए गए लोगों को प्राथमिक उपचार की सुविधा निरंतर उपलब्ध कराई जा रही है। सेना के साथ ही भारतीय वायुसेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, बीआरओ और नागरिक प्रशासन मिलकर इस राहत अभियान को अंजाम दे रहे हैं। वर्तमान स्थिति की बात करें तो, धराली अभी भी सड़क मार्ग से पूरी तरह कटा हुआ है।

राहत कार्य 24 घंटे जारी

बाधित क्षेत्र में एक बेली ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी पर है, जिसे शुक्रवार शाम तक पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। भारतीय सेना के मुताबिक उनके द्वारा हर्षिल में एक संचार नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसमें वाई-फाई और सैटेलाइट कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध है।

बीएसएनएल और एयरटेल द्वारा संचार सेवाओं की बहाली के प्रयास जारी हैं। उत्तरी भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग और 9 माउंटेन ब्रिगेड के कमांडर हर्षिल में मौजूद हैं साथ ही लगातार राहत कार्यों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।

शुक्रवार को यहां लिमचिगाड़ में बेली ब्रिज का निर्माण शुरू किया जाएगा, जिससे सड़क संपर्क आसानी से बहाल किया जा सके, वहीं हवाई मार्ग से राहत सामग्री और उपकरणों की आपूर्ति लगातार जारी है।

हर्षिल और आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन सेना के जवान चलाए जा रहे हैं। बचे हुए लोगों को आज हर्षिल से मतली और देहरादून तक एयरलिफ्ट किया जाएगा। भारतीय सेना ने पुनः आश्वस्त किया है कि, वह प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।  प्रतिकूल मौसम की चुनौतियों के बावजूद यहां राहत कार्य 24 घंटे जारी रहेगा।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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